भारत की स्टार शटलर और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) आगामी BWF विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 (17-23 अगस्त 2026) में भारत की चुनौती का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में 9वीं वरीयता (9th Seed) प्राप्त सिंधु को अपने घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का जबरदस्त ‘होम एडवांटेज’ (Home Advantage) मिलेगा।
यह टूर्नामेंट सिंधु के लिए इसलिए भी बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि जुलाई के अंत में आयोजित हुए चाइना ओपन 2026 (China Open Super 1000) में मैच शेड्यूलिंग और रिकवरी टाइम को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया था।
🏸 चाइना ओपन 2026 में क्या था शेड्यूलिंग विवाद? (Scheduling Controversy)
जुलाई 2026 में खेले गए चाइना ओपन के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में चाइना की चेन युफेई (Chen Yufei) के खिलाफ हार के बाद पीवी सिंधु ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) और आयोजकों की शेड्यूलिंग पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए थे:
- असमान रिकवरी टाइम (Recovery Time Inequality): सिंधु को अपने पहले दौर के लंबे मुकाबले के बाद अगले राउंड (चेन युफेई के खिलाफ) के लिए केवल 16 घंटे का समय मिला था। वहीं, घरेलू शटलर चेन युफेई को अपने मैच से पहले पूरा एक दिन का रेस्ट (Rest Day) और 24 घंटे से अधिक का रिकवरी टाइम दिया गया था।
- सोशल मीडिया पर तंज: सिंधु ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा था:“मेरे लिए मैचों के बीच केवल 16 घंटे, जबकि मेरी दोस्त चेन को 24+ घंटे और एक पूरा दिन ऑफ मिला। यह देखकर अच्छा लगा कि रिकवरी को कितनी अहमियत दी जाती है। अजीब बात है कि शेड्यूल केवल चुनिंदा खिलाड़ियों की रिकवरी का ध्यान रखता है, काश सब खिलाड़ियों के साथ एक जैसा व्यवहार होता।”
🏠 नई दिल्ली में भारत के पास ‘होम एडवांटेज’ और उम्मीदें
चाइना ओपन में शेड्यूलिंग की विषमता से जूझने के बाद, अब भारत में आयोजित हो रही वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिंधु समेत भारतीय दल को दर्शकों का पूरा समर्थन और अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी:
- जापान ओपन की फॉर्म: 2019 की विश्व चैंपियन सिंधु ने हाल ही में जापान ओपन (Japan Open Super 750) का खिताब जीतकर 3 साल के सूखे को खत्म किया था, जहां उन्होंने मौजूदा चैंपियन अकाने यामागुची को हराया था।
- भारतीय शटलरों की सीडिंग (Indian Seedings):
- पुरुष युगल: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी (5वीं वरीयता)
- महिला एकल: पीवी सिंधु (9वीं वरीयता)
- पुरुष एकल: लक्ष्य सेन (14वीं वरीयता)
- मिश्रित युगल: ध्रुव कपिला और तनीषा क्रास्टो (15वीं वरीयता)
फैंस को छठे पदक का इंतजार
विश्व चैंपियनशिप के इतिहास में 1 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक जीतकर भारत की सबसे सफल शटलर रहीं पीवी सिंधु से देश को एक बार फिर घरेलू सरजमीं पर ऐतिहासिक प्रदर्शन और पोडियम फिनिश की उम्मीदें हैं।












