पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव के प्रचार के बीच ‘जन सुराज’ पार्टी के संस्थापक और उम्मीदवार प्रशांत किशोर (PK) ने सत्तारूढ़ एनडीए/बीजेपी सरकार और स्थानीय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। प्रशांत किशोर ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को स्पष्ट रूप से 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटे के भीतर बांकीपुर में प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग को नहीं रोका गया और उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे जन सुराज के नेताओं के साथ चुनाव आयोग के कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
प्रशांत किशोर के सरकार व प्रशासन पर 3 बड़े आरोप:
- ‘जीविका दीदियों’ का राजनीतिक इस्तेमाल: PK ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और जिला प्रशासन द्वारा ‘जीविका दीदियों’ (स्वयं सहायता समूह की महिलाओं) को आधिकारिक तौर पर चुनाव कार्य के बहाने वोटरों को प्रभावित करने के लिए मैदान में उतारा गया है।
- डराने और लालच देने का खेल: प्रशांत किशोर का दावा है कि ये अर्द्ध-सरकारी कार्यकर्ता घर-घर जाकर गरीब मतदाताओं को डरा रहे हैं कि यदि उन्होंने सत्तारूढ़ दल को वोट नहीं दिया तो उनका राशन, पेंशन और सरकारी योजनाओं का लाभ बंद कर दिया जाएगा।
- प्रशासनिक दुरुपयोग से घबराहट में BJP: प्रशांत किशोर ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी अपनी पारंपरिक बांकीपुर सीट पर संभावित हार से इतनी घबरा गई है कि दिल्ली से लेकर पटना तक के नेताओं-मंत्रियों को उतारने के साथ-साथ सरकारी तंत्र का खुला दुरुपयोग कर रही है।
“24 घंटे में डीएम जारी करें आदेश, वरना धरना तय” — प्रशांत किशोर
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने सीधे शब्दों में कहा:
प्रशांत किशोर ने कहा: “चुनाव आयोग और जिला प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम है। पटना डीएम तुरंत आदेश जारी करके जीविका की दीदियों को चुनाव प्रक्रिया से दूर करें। अगर अगले 24 घंटे में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए कदम नहीं उठाए गए, तो मैं खुद अपने कार्यकर्ताओं के साथ इलेक्शन कमीशन के सामने धरने पर बैठूंगा। लोकतंत्र में निष्पक्ष चुनाव होना चाहिए, सरकारी तंत्र के दम पर जनता को डराकर वोट ऐंठने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”
30 जुलाई को मतदान, बांकीपुर बना प्रतिष्ठा का प्रश्न
उल्लेखनीय है कि बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होना है। बीजेपी के लिए यह सीट उनकी साख से जुड़ी हुई है, वहीं प्रशांत किशोर की पार्टी ‘जन सुराज’ इस उपचुनाव को राज्य में एक बड़े विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है। PK के इस अल्टीमेटम के बाद पटना से लेकर चुनाव आयोग तक हड़कंप मच गया है।












