भारत और ओमान के बीच मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों को नई पहचान मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय योगदान के लिए ‘ऑर्डर ऑफ ओमान’ सम्मान से नवाजा गया है। यह ओमान सल्तनत का एक प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान माना जाता है, जो किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष को दिया जाता है।
ओमान सरकार ने यह सम्मान प्रधानमंत्री मोदी को भारत–ओमान मैत्री को नई ऊंचाइयों पर ले जाने, आपसी विश्वास बढ़ाने और सहयोग के नए रास्ते खोलने के लिए प्रदान किया। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत और ओमान के बीच व्यापार, ऊर्जा, रक्षा, समुद्री सुरक्षा और प्रवासी भारतीयों से जुड़े मुद्दों पर सहयोग लगातार मजबूत हुआ है।
पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के उच्चस्तरीय दौरों और समझौतों से संबंधों में गति आई है। खासतौर पर रणनीतिक साझेदारी, तेल-गैस क्षेत्र में सहयोग और हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर भारत और ओमान के संबंध और गहरे हुए हैं। ओमान में बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय निवास करता है, जिनके कल्याण को लेकर भी दोनों देशों के बीच निरंतर संवाद बना हुआ है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान के लिए ओमान की सरकार और जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों और दोनों देशों के बीच सदियों पुराने मैत्री संबंधों का प्रतीक है। उन्होंने इसे भारत–ओमान साझेदारी की मजबूती का प्रमाण बताया।
राजनयिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मान न केवल पीएम मोदी की व्यक्तिगत कूटनीतिक उपलब्धि है, बल्कि इससे खाड़ी देशों के साथ भारत के बढ़ते प्रभाव और विश्वास को भी रेखांकित करता है। आने वाले समय में इससे दोनों देशों के संबंध और व्यापक होने की उम्मीद जताई जा रही है।















