आर्थिक राजधानी मुंबई के मलाड (माइंडस्पेस) क्षेत्र में एक बहु-विशेषज्ञता अस्पताल (Multi-Speciality Hospital) खोलने का सपना देख रहे 6 डॉक्टरों के साथ लगभग ₹40 लाख रुपये की धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपियों ने गिरवी पड़ी (Mortgaged) संपत्ति को अपनी बताकर डॉक्टरों को लीज पर देने का झांसा दिया और भारी भरकम डिपॉजिट राशि ऐंठ ली।
मामले का पर्दाफाश होने के बाद पीड़ितों की शिकायत पर मुंबई की चारकोप पुलिस (Charkop Police) ने आरोपी पवन बैरागढ़ा और उनकी पत्नी उर्मिला बैरागढ़ा के खिलाफ धोखाधड़ी (Cheating) और आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) की धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैसे दिया गया ठगी को अंजाम? (Modus Operandi)
- अस्पताल के लिए जगह की तलाश: कांदिवली में आयुष नर्सिंग होम चलाने वाले डॉक्टर सागर विलास करवीर और उनके 5 अन्य साथी डॉक्टर एक बड़ा मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल शुरू करने के लिए बड़े परिसर की तलाश कर रहे थे।
- माइंडस्पेस मलाड में प्रॉपर्टी का झांसा: इलाज के दौरान आरोपी दंपत्ति डॉक्टर के संपर्क में आए और उन्होंने दावा किया कि मलाड के माइंडस्पेस स्थित ‘बनारसी हाइट्स’ की बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल उनकी खुद की है।
- लाखों का एडवांस डिपॉजिट: डॉक्टरों को बातों में फंसाकर उन्होंने ₹10.58 लाख महीने के किराए पर जगह लीज पर देने का करार किया और छह महीने के डिपॉजिट के तौर पर ₹49.85 लाख अग्रिम राशि (Advance) ले ली।
ऐसे हुआ धोखाधड़ी का खुलासा
- प्रॉपर्टी बैंक में थी गिरवी: जून 2021 में जब कागजी कार्रवाई आगे बढ़ी, तब खुलासा हुआ कि जिस प्रॉपर्टी को आरोपी अपनी बताकर लीज पर दे रहे थे, वह उनके रिश्तेदार द्वारा लिए गए लोन के एवज में बैंक में गिरवी रखी हुई थी।
- रकम लौटाने में आनाकानी और धमकी: सच सामने आते ही डॉक्टरों ने एग्रीमेंट रद्द कर अपनी पूरी राशि वापस मांगी। आरोपियों ने दबाव बनने पर ₹10 लाख तो लौटा दिए, लेकिन बाकी के लगभग ₹40 लाख दबा लिए। डॉक्टर जब अपने पैसे मांगने उनके घर गए, तो आरोप है कि महिला ने उन्हें झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी।
पुलिस की कार्रवाई
लंबी पड़ताल और शिकायत के सत्यापन के बाद चारकोप पुलिस ने आरोपी पवन और उर्मिला के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता/आईपीसी की संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को पूछताछ के लिए समन भेजा जा रहा है और यह भी जांच की जा रही है कि उन्होंने इस तरह से अन्य लोगों को तो शिकार नहीं बनाया है।












