मध्यप्रदेश में इन दिनों गर्मी का कहर जारी है। मार्च महीने के बीच में ही सूरज इस कदर तपने लगा है कि लोग घरों से निकलने से कतरा रहे हैं। मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले दो दिन यानी 16 और 17 मार्च को प्रदेश में इसी तरह कड़ी धूप और गर्म हवाएं चलती रहेंगी। हालांकि 18 मार्च से कुछ जिलों में राहत मिलने के आसार हैं।
18-19 मार्च को कहां होगी बारिश?
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 17 मार्च की रात से उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से 18 और 19 मार्च को मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी की संभावना बन रही है। खासकर पूर्वी और उत्तर-पूर्वी जिलों जैसे रीवा, शहडोल, अनूपपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी और छिंदवाड़ा में बारिश हो सकती है। यह इस साल की पहली मावठा बारिश हो सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान
पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के बड़े शहरों में पारा लगातार चढ़ा है। भोपाल में तापमान 37 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज हुआ है, वहीं इंदौर में 36 से 37 डिग्री के बीच रहा। उज्जैन, जबलपुर और नर्मदापुरम में भी गर्मी का असर साफ महसूस हो रहा है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अप्रैल और मई में ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर संभागों में पारा 45 डिग्री तक पहुंच सकता है।
भोपाल में पानी का संकट, बोरिंग पर रोक
बढ़ती गर्मी के साथ-साथ भोपाल में पानी की किल्लत भी शुरू हो गई है। कलेक्टर ने जिले को जल अभाव ग्रस्त घोषित करते हुए निजी ट्यूबवेल की खुदाई पर पूरी तरह रोक लगा दी है। बिना अनुमति बोरिंग कराने पर दो साल की जेल तक का प्रावधान किया गया है।
डॉक्टरों की चेतावनी — सेहत का रखें ख्याल
मार्च के मौसम में दिन गर्म और रात-सुबह हल्की ठंडी रहने के कारण सर्दी, खांसी, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डॉक्टरों ने लोगों को धूप में निकलते समय पानी खूब पीने, हल्के कपड़े पहनने और दोपहर में बाहर कम निकलने की सलाह दी है।

















