मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है। एक साथ दो पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbances) और राजस्थान के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के सक्रिय होने से प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में बादलों ने डेरा डाल लिया है।
आज 19 फरवरी 2026 को मौसम विभाग (IMD) ने ग्वालियर-चंबल संभाग सहित 8 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है।
| श्रेणी | विवरण |
| ऑरेंज/येलो अलर्ट | ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर और श्योपुर। |
| मौसम की स्थिति | गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm)। |
| हवा की गति | 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना। |
| तापमान का असर | बादलों के कारण दिन का पारा 2-3 डिग्री गिरेगा, जबकि रात के तापमान में हल्की बढ़ोतरी होगी। |
क्यों बदला मौसम? (Scientific Reason)
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय है, जबकि दूसरा विक्षोभ 20 फरवरी को उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश करने वाला है। इन प्रणालियों के कारण अरब सागर से नमी आ रही है, जो मध्य प्रदेश के उत्तरी भागों में वर्षा का कारण बन रही है।
प्रमुख शहरों का हाल:
- भोपाल व इंदौर: यहाँ आसमान में आंशिक बादल छाए रहेंगे, लेकिन बारिश की संभावना कम है। उमस और गर्मी का अहसास बढ़ सकता है।
- उज्जैन: यहाँ सुबह के समय हल्का कोहरा और दिन में बादल छाए रहने के आसार हैं।
- जबलपुर व रीवा: इन क्षेत्रों में फिलहाल मौसम शुष्क रहेगा, लेकिन 21 फरवरी के बाद यहाँ भी बादल छा सकते हैं।
किसानों के लिए सलाह
चूंकि ग्वालियर और चंबल संभाग में ओलावृष्टि की आशंका है, इसलिए कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि:
- कटी हुई फसल (जैसे सरसों या चना) को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।
- तेज हवाओं और बारिश के दौरान सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
- पशुओं को खुले स्थान या पेड़ों के नीचे न बांधें।
















