मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं। कई निचले इलाकों और गांवों में अचानक जलभराव (Waterlogging) की स्थिति पैदा हो गई, जिससे दर्जनों नागरिक बाढ़ के पानी में फँस गए। संकट की इस घड़ी में राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल (SDERF) और होमगार्ड के जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए राज्य भर में चलाए गए साहसिक अभियानों के दौरान 98 नागरिकों, 7 मवेशियों और 4 पालतू पशुओं (कुल 11 बेजुबानों) को सुरक्षित बाहर निकाला है।
भोपाल स्थित एसडीईआरएफ मुख्यालय से प्रदेश भर के संवेदनशील और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है।
सीहोर में गर्भवती महिला समेत पूरे परिवार का रबर बोट से रेस्क्यू
- जामनी गांव का साहसिक रेस्क्यू: सीहोर जिले के ग्राम जामनी में नाले का जलस्तर अचानक बढ़ने से 23 वर्षीय गर्भवती महिला गीता राजपूत और उनके परिवार के तीन अन्य सदस्य अपने घर में चारों तरफ पानी से घिर गए थे। सूचना मिलते ही एसडीईआरएफ की टीम ने रबर बोट (Rubber Boat) की मदद से बेहद सावधानीपूर्वक गर्भवती महिला और उनके परिजनों को रेस्क्यू कर एंबुलेंस तक पहुँचाया।
- अहमदपुर में फंसे 4 नागरिकों की जान बचाई: सीहोर के ही अहमदपुर थाना क्षेत्र में जलभराव के बीच फंसे 4 अन्य ग्रामीणों को रेस्क्यू टीम ने बोट के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया।
राजगढ़ में दर्दनाक हादसा: उफनते नाले में बही वैन, 9 की मौत
एक ओर जहाँ रेस्क्यू टीमों ने दर्जनों जिंदगियां बचाईं, वहीं राजगढ़ जिले से एक दुखद हादसा सामने आया। पचोर-सारंगपुर मार्ग पर पाढ़ाना गांव के पास एक अंडर-कंस्ट्रक्शन पुलिया पर उफनते नाले को पार करने के प्रयास में 11 यात्रियों से भरी एक मारुति ईको वैन बह गई।
- ग्रामीणों और बचाव दल ने 2 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन 3 महिलाओं और 3 बच्चों समेत परिवार के 9 लोगों की डूबने से मौत हो गई।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
अलर्ट मोड पर आपदा राहत दल (High Alert)
होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन की महानिदेशक (DG) प्रज्ञा ऋचा श्रीवास्तव के अनुसार, बारिश और जलभराव को देखते हुए प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों में क्विक रिस्पांस टीम (QRT), आपदा राहत वाहन, मोटर बोट और आधुनिक उपकरण चौबीसों घंटे अलर्ट मोड पर रखे गए हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे उफनते पुल-पुलियों, नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने का जोखिम कतई न उठाएं।












