मध्यप्रदेश सरकार ने प्रदेश में बिजली ग्रिड मैनेजमेंट को मजबूत करने और दिन के समय सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए कई नवाचार और तकनीकी उपायों अपनाने की योजना तैयार की है। इन पहलों का उद्देश्य न केवल वितरण प्रणाली को कुशल बनाना है, बल्कि उपभोक्ताओं को सीधे लाभदायक और किफायती बिजली दर भी प्रदान करना है।
राज्य के बिजली विभाग द्वारा हाल ही में लगाए गए स्मार्ट मीटरों की संख्या 4.56 लाख से अधिक हो चुकी है, जो 16 जिलों में बिजली उपयोग को सटीक बिलिंग, वास्तविक समय निगरानी और ऊर्जा उपयोग के बेहतर प्रबंधन में मदद कर रहे हैं। इन मीटरों के माध्यम से दिन के समय बिजली उपयोग पर लगभग 20 प्रतिशत की रियायत भी दिख रही है, जिससे उपभोक्ताओं को सीधा आर्थिक लाभ मिल रहा है।
बिजली ग्रिड के सुधार और सस्ते बिजली दर के संदर्भ में मध्यप्रदेश ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। राज्य की ओर से मोरना सोलर-प्लस-स्टोरेज परियोजना के तहत भारत में सबसे कम दर (लगभग ₹2.70 प्रति यूनिट) पर सौर ऊर्जा प्राप्त कर रिकॉर्ड बनाया गया, जिससे दिन और शाम दोनों समय बिजली सप्लाई में स्थिरता और लागत घटाने में मदद मिलेगी।
इन तकनीकी सुधारों और नवाचारों से ग्रिड को अधिक स्थिर, संतुलित और भरोसेमंद बनाने में सहायता मिलेगी, जिससे बिजली की मांग-आपूर्ति संतुलन बेहतर होगा और दीर्घकालिक रूप से जनहित में किफायती बिजली उपलब्ध कराई जा सकेगी।
सरकार ने कहा है कि बिजली सेक्टर में यह रणनीति उपभोक्ता हित, किफायती दर, ऊर्जा बचत और पर्यावरणीय स्थिरता को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। आने वाले समय में इन पहलों को और आगे बढ़ाने की योजना है, जिससे ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार और निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा।

















