मध्य प्रदेश विधानसभा परिसर स्थित माननीय विधानसभा अध्यक्ष के सम्मेलन कक्ष में आज, 21 जुलाई 2026 को एक गरिमामय और ऐतिहासिक संसदीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी के कुशल मार्गदर्शन में तैयार की गई विशेष पुस्तक “विधान से जन कल्याण : 16वीं विधानसभा के कार्यकाल के दो वर्ष” का आज प्रातः 10:30 बजे भव्य विमोचन संपन्न हुआ।
इस अवसर पर राज्य शासन के वरिष्ठ मंत्री, विधानसभा के माननीय सदस्य, संसदीय मामलों के विशेषज्ञ और वरिष्ठ पत्रकार भारी संख्या में मौजूद रहे। यह पुस्तक 16वीं विधानसभा के पिछले दो वर्षों के ऐतिहासिक निर्णयों, विधायी सुधारों और लोकतांत्रिक नवाचारों का एक प्रामाणिक दस्तावेज है।
क्या है पुस्तक “विधान से जन कल्याण” में खास?
संसदीय परंपराओं को समृद्ध करने के उद्देश्य से संकलित की गई इस पुस्तक में 16वीं विधानसभा के दो वर्ष के कार्यकाल की निम्नलिखित महत्वपूर्ण उपलब्धियों को समाविष्ट किया गया है:
- 1. अध्यक्षीय व्यवस्थाएं और ऐतिहासिक वक्तव्य: सदन के संचालन के दौरान माननीय अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा समय-समय पर दी गई महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं (Rulings) और दूरगामी वक्तव्यों को लिपिबद्ध किया गया है।
- 2. समितियों का सशक्तिकरण: विधानसभा की विभिन्न विषयगत समितियों को अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए किए गए प्रशासनिक और विधायी प्रयासों का ब्यौरा।
- 3. नवाचार और डिजिटल क्रांति (ई-विधान): विधानसभा को पेपरलेस बनाने की दिशा में लागू की गई ‘ई-विधान’ (National e-Vidhan Application) प्रणाली, विधायकों की सुविधाओं के विस्तार और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के कार्यों का समावेश।
- 4. राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भागीदारी: राष्ट्रमंडल संसदीय सम्मेलन (CPA) और पीठासीन अधिकारी सम्मेलनों (Presiding Officers’ Conferences) में विधानसभा अध्यक्ष की सक्रिय सहभागिता व प्रस्तुत विचारों का संग्रह।
- 5. वैचारिक एवं सम-सामयिक आलेख: समय-समय पर संसदीय, संवैधानिक और जन-सरोकार से जुड़े विषयों पर माननीय अध्यक्ष महोदय द्वारा लिखे गए उच्चस्तरीय विचारों और लेखों का विशेष संकलन।
संसदीय व्यवस्था को मजबूत करेगी यह पुस्तक — नरेंद्र सिंह तोमर
विमोचन समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह और मीडिया को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत उसकी पारदर्शिता और जन-कल्याणकारी नीतियों में निहित होती है।
माननीय अध्यक्ष जी ने कहा: “16वीं विधानसभा के पिछले दो वर्ष ‘विधान’ (कानून) के माध्यम से ‘जन कल्याण’ के संकल्प को समर्पित रहे हैं। ई-विधान जैसे नवाचारों और संसदीय सम्मेलनों के जरिए हमने सदन की गरिमा और कार्यकुशलता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का प्रयास किया है। यह पुस्तक न केवल वर्तमान जनप्रतिनिधियों बल्कि आने वाली पीढ़ियों और शोधार्थियों के लिए भी मध्य प्रदेश की विधायी यात्रा का एक अमूल्य मार्गदर्शन साबित होगी।”
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और पुस्तक की प्रतियां आमंत्रित सदस्यों को भेंट की गईं।












