मध्यप्रदेश विधानसभा के आगामी बजट सत्र 2026 से पहले नेशनल ई-विधान परियोजना (NEVA) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मंगलवार को विधानसभा के मानसरोवर सभागार में माननीय सदस्यों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य विधायकों को डिजिटल विधायी प्रक्रिया से परिचित कराना और विधानसभा कार्यों को पूरी तरह पेपरलेस बनाना है।
कार्यक्रम में भारत सरकार के संसदीय कार्य मंत्रालय से जुड़े विशेषज्ञों ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान श्री अरुण शर्मा (NEVA कोऑर्डिनेटर), श्री संशिल सौरभ (NEVA कोऑर्डिनेटर) एवं श्री श्रीधर स्वामी (टेक्निकल कंटेंट राइटर) विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने ई-विधान प्रणाली की तकनीकी एवं व्यावहारिक जानकारी साझा की।
प्रशिक्षण से पहले प्रमुख सचिव ने दी परियोजना की जानकारी
प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ से पूर्व विधानसभा के प्रमुख सचिव श्री अरविन्द शर्मा ने नेशनल ई-विधान परियोजना (NEVA) की रूपरेखा, उद्देश्य और इसके लाभों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि NEVA के माध्यम से प्रश्नोत्तर, विधेयक, कार्यसूची और अन्य संसदीय दस्तावेज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगे, जिससे समय, संसाधन और कागज की बचत होगी।
डिजिटल विधानसभा की दिशा में बड़ा कदम
NEVA परियोजना के तहत विधानसभा की कार्यवाही को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुगम बनाने की योजना है। इससे न केवल विधायकों को कार्यों में सुविधा मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी विधानसभा की गतिविधियों तक बेहतर पहुंच प्राप्त होगी।
बजट सत्र 2026 की तैयारी
प्रशिक्षण को आगामी बजट सत्र 2026 की तैयारियों का अहम हिस्सा माना जा रहा है। विधानसभा प्रशासन का प्रयास है कि सभी माननीय सदस्य ई-विधान प्रणाली का कुशलतापूर्वक उपयोग कर सकें, ताकि सत्र के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा न आए।
















