मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में मानसून का नया और मजबूत सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहे कम दबाव के क्षेत्र और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से 29 जुलाई से 31 जुलाई के दौरान तीनों राज्यों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू होगा।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए किसानों और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
राज्यवार मौसम का पूर्वानुमान (29 से 31 जुलाई):
1. मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh):
- पूर्वानुमान: पूर्वी मध्य प्रदेश (जबलपुर, शहडोल, रीवा व सागर संभाग) और पश्चिमी मध्य प्रदेश (भोपाल, इंदौर, उज्जैन व नर्मदापुरम संभाग) में 29 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में भारी बढ़ोतरी होगी।
- अलर्ट: 30 और 31 जुलाई को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका के साथ भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
2. छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh):
- पूर्वानुमान: छत्तीसगढ़ के बस्तर, रायपुर, बिलासपुर और सरगुजा संभाग में 28 जुलाई से ही बारिश का दौर तेज होगा, जो 29 जुलाई को चरम पर रहेगा।
- अलर्ट: राज्य के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश (Very Heavy Rainfall) का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है।
3. राजस्थान (Rajasthan):
- पूर्वानुमान: पूर्वी राजस्थान (कोटा, उदयपुर, अजमेर व जयपुर संभाग) में 28 जुलाई से ही बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी, जो 29 से 31 जुलाई के बीच अत्यंत तीव्र हो जाएंगी।
- अलर्ट: पश्चिमी राजस्थान (जोधपुर व बीकानेर संभाग) में 31 जुलाई से भारी बारिश का नया दौर देखने को मिलेगा।
मौसम विभाग की चेतावनी व एडवाइजरी:
- जलभराव और नदियों का उफान: भारी बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों में उफान की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है।
- बिजली चमकने की चेतावनी: मौसम विभाग ने खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की है, क्योंकि इस दौरान तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा अधिक रहेगा।












