छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी जिले में सुरक्षाबलों को एक बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। जिला पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त कार्रवाई में नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए 11 क्लेमोर माइन बरामद किए गए हैं। इन विस्फोटक उपकरणों की बरामदगी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नक्सली किसी बड़ी एम्बुश (Ambush) या सुरक्षाबलों के काफिले को निशाना बनाने की फिराक में थे।
इंटेलिजेंस इनपुट पर बड़ी कार्रवाई
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि नक्सली संगठन के सदस्य मानपुर के सीमावर्ती जंगली इलाकों में भारी मात्रा में विस्फोटक डंप कर रहे हैं। सूचना के आधार पर ‘ऑपरेशन क्लीन’ के तहत इलाके की घेराबंदी की गई। सर्चिंग के दौरान जवानों ने जमीन के नीचे और झाड़ियों में छिपाकर रखे गए 11 क्लेमोर माइन बरामद किए। ये माइन काफी शक्तिशाली होते हैं और रिमोट या तार के जरिए दूर से ब्लास्ट किए जा सकते हैं।
मोहला-मानपुर जिला, जो महाराष्ट्र की सीमा से सटा हुआ है, पिछले कुछ समय से नक्सलियों के लिए एक सुरक्षित गलियारा (Corridor) रहा है। हालांकि, हाल के वर्षों में सुरक्षाबलों की बढ़ती सक्रियता और नए पुलिस कैंपों की स्थापना के कारण नक्सलियों का आधार क्षेत्र सिमटता जा रहा है।
क्लेमोर माइन की बरामदगी क्यों अहम है?
- घातक क्षमता: क्लेमोर माइन फटने पर हजारों छर्रे छोड़ते हैं, जो काफी दूर तक मौजूद जवानों या वाहनों को छलनी कर सकते हैं।
- साजिश का पर्दाफाश: इतनी बड़ी संख्या में माइन मिलना यह दर्शाता है कि नक्सली बड़े हमले की तैयारी में थे, जिसे जवानों की सतर्कता ने समय रहते नाकाम कर दिया।
- दबाव में नक्सली: हाल ही में इसी क्षेत्र में कई बड़े नक्सली कमांडरों के मारे जाने या सरेंडर करने के बाद, संगठन अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इस तरह के हताशापूर्ण कदम उठा रहा है।
पुलिस अधीक्षक (SP) ने पुष्टि की है कि बरामद किए गए विस्फोटकों को सुरक्षित तरीके से बीडीएस (Bomb Disposal Squad) द्वारा नष्ट कर दिया गया है। फिलहाल, संबंधित क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन और सघन कर दिया गया है ताकि किसी भी अन्य संभावित खतरे को टाला जा सके। राज्य सरकार ने जवानों की इस सतर्कता की प्रशंसा की है और दोहराया है कि विकास कार्यों को बाधित करने वाली ताकतों को कुचल दिया जाएगा।

















