मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 08 अगस्त 2026 को जारी ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश से सटे इलाकों में बने कम दबाव के क्षेत्र (Low Pressure Area) और मानसूनी ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में अगले 72 घंटों (अगले 3 दिनों) तक झमाझम बारिश का दौर जारी रहेगा।
मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के 10 से अधिक प्रमुख जिलों में भारी से अति भारी बारिश (Heavy Rainfall Alert) की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Lightning) चमकने की संभावना जताई गई है।
इन 10 से अधिक जिलों में भारी बारिश का अलर्ट (Alert Districts)
मौसम केंद्र भोपाल द्वारा जारी बुलेटिन के अनुसार, निम्नलिखित जिलों और उनके आसपास के इलाकों में अगले 3 दिनों तक मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है:
- पूर्वी मध्य प्रदेश: जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा, सतना, सीधी, मंडला और सिवनी।
- पश्चिमी व मध्य मध्य प्रदेश: ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, भोपाल, विदिशा और रायसेन।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने का यलो/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
इंदौर, उज्जैन और मालवा-निमाड़ का मौसम
- इंदौर एवं उज्जैन संभाग: मालवा-निमाड़ क्षेत्र में रुक-रुक कर हल्की से मध्यम फुहारें और बौछारें पड़ने की संभावना है। कांवड़ यात्रा के मार्ग (इंदौर-उज्जैन मार्ग) पर हल्की से मध्यम बारिश श्रद्धालुओं को गर्मी से राहत देगी।
- नदियों का जलस्तर बढ़ा: नर्मदा, शिप्रा, बेतवा और चंबल नदी के तटीय क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग की सलाह एवं सावधानियां
- आकाशीय बिजली से बचाव: बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे या लोहे के खंभों के पास खड़े न हों।
- जलभराव व आवागमन: भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव (Waterlogging) और दृश्यता (Visibility) कम होने के कारण वाहन चालकों को सावधानी से गाड़ी चलाने की सलाह दी गई है।
- किसानों के लिए एडवाइजरी: खेतों में जल निकासी (Drainage) की उचित व्यवस्था रखें ताकि फसलों को नुकसान न पहुँचे।












