मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचे और पूर्वी-पश्चिमी संपर्क (East-West Connectivity) को नया आयाम देने के लिए महत्वाकांक्षी ‘नर्मदा प्रगति पथ’ (Narmada Pragati Path) प्रोजेक्ट का खाका तैयार कर लिया है। लगभग ₹31,000 करोड़ की लागत से बनने वाला यह 4/6-लेन एक्सप्रेसवे कॉरिडोर मध्य प्रदेश के मध्य से गुजरते हुए गुजरात और छत्तीसगढ़ की सीमाओं को सीधे जोड़ेगा।
मां नर्मदा के समानांतर बनने वाला यह कॉरिडोर राज्य के 11 जिलों से होकर गुजरेगा, जिससे न केवल माल ढुलाई (Logistics) सुगम होगी, बल्कि नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं और धार्मिक पर्यटन को अभूतपूर्व गति मिलेगी।
🛣️ ‘नर्मदा प्रगति पथ’ के मुख्य आकर्षण और प्रोजेक्ट डिटेल्स:
- लंबाई और कनेक्टिविटी:
- कुल लंबाई: लगभग 900 किलोमीटर (अमरकंटक से झाबुआ/अलीराजपुर तक)।
- राज्यों का कनेक्शन: यह पूर्व में छत्तीसगढ़ (अमरकंटक/कबीरधाम सीमा) से शुरू होकर पश्चिम में गुजरात सीमा (झाबुआ/अलीराजपुर) तक सीधे जोड़ेगा।
- शामिल होने वाले प्रमुख जिले:
- यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला, जबलपुर, नरसिंहपुर, होशंगाबाद (नर्मदापुरम), सीहोर, हरदा, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, धार, झाबुआ और अलीराजपुर जैसे नर्मदा बेसिन के प्रमुख जिलों को आपस में कनेक्ट करेगा।
- औद्योगिक क्लस्टर और लॉजिस्टिक्स पार्क:
- एक्सप्रेसवे के दोनों ओर औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridors), लॉजिस्टिक्स पार्क और कृषि-प्रसंस्करण केंद्र (Food Processing Hubs) विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय कृषि उपज को गुजरात और छत्तीसगढ़ के बाजारों तक आसानी से पहुंचाया जा सके।
🌟 प्रोजेक्ट से मिलने वाले 4 बड़े लाभ:
- धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन को बढ़ावा: अमरकंटक, भेड़ाघाट (जबलपुर), ओंकारेश्वर (ज्योतिर्लिंग), महेश्वर और बांद्राभान जैसे प्रमुख नर्मदा तटों और धार्मिक स्थलों तक पहुंच बेहद आसान और तेज हो जाएगी।
- लाखों रोजगार के अवसर: निर्माण कार्य और एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले इंडस्ट्रियल नोड्स से राज्य के ग्रामीण व शहरी युवाओं के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे।
- समय और ईंधन की बचत: गुजरात के बंदरगाहों (Ports) और औद्योगिक क्षेत्रों से छत्तीसगढ़ के खनिज-समृद्ध क्षेत्रों के बीच व्यापारिक वाहनों के यात्रा समय में 6 से 8 घंटे की भारी कमी आएगी।
- मालवा, निमाड़ और महाकौशल का विकास: यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के तीन प्रमुख सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों—महाकौशल, नर्मदापुरम और निमाड़/मालवा को एक सीधी विकास रेखा में बांधेगा।
प्रशासनिक प्रक्रिया और भूमि अधिग्रहण
लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा प्रोजेक्ट की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और एलाइनमेंट सर्वेक्षण का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। भूमि अधिग्रहण और वन स्वीकृतियों (Forest Clearances) की प्रक्रिया पूरी होते ही चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।












