लोकसभा में बजट सत्र के दौरान भारी हंगामा देखने को मिल रहा है। 3 फरवरी 2026 को लगातार दूसरे दिन सदन की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके परिणामस्वरूप 8 विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र (2 अप्रैल 2026 तक) के लिए निलंबित कर दिया गया है।
इस पूरे विवाद की मुख्य वजह नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व सेना प्रमुख जनरल (रिटायर्ड) मनोज मुकुंद नरवणे की अप्रकाशित किताब के अंशों का हवाला देना है।
विवाद की जड़: नरवणे की ‘मेमोयर’ और नियम 349
राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान 2020 के भारत-चीन सीमा विवाद पर बोलना शुरू किया।
- हंगामे का कारण: राहुल गांधी ने एक मैगजीन (द कारवां) में छपे लेख का हवाला दिया, जिसमें जनरल नरवणे की आगामी किताब ‘इन फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के अंश थे। इसमें चीन के साथ गतिरोध के दौरान राजनीतिक नेतृत्व के फैसलों पर कथित टिप्पणियां थीं।
- सत्ता पक्ष का विरोध: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और गृह मंत्री अमित शाह ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने तर्क दिया कि जो किताब अभी तक प्रकाशित (Unpublished) ही नहीं हुई और जिसे सरकार ने अनुमति नहीं दी, उसके अंशों को सदन में आधार नहीं बनाया जा सकता।
- स्पीकर की रोक: स्पीकर ओम बिड़ला ने नियम 349 का हवाला देते हुए राहुल गांधी को किसी भी बाहरी लेख या अप्रकाशित सामग्री को पढ़ने से रोका। उन्होंने कहा कि बिना सत्यापन के ऐसी चीजें रिकॉर्ड पर नहीं ली जा सकतीं।
8 विपक्षी सांसद निलंबित (Suspended MPs)
सदन में जब राहुल गांधी को बोलने से रोका गया और दूसरे सदस्य को मौका दिया गया, तो विपक्षी सांसदों ने ‘वेल’ में आकर हंगामा शुरू कर दिया। सांसदों ने कागज फाड़े और आसन (Chair) की ओर उछाले, जिसके बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने निलंबन का प्रस्ताव रखा।
| निलंबित सांसद (Name) | पार्टी (Party) | कारण (Reason for Suspension) |
| अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग | कांग्रेस | सदन की अवमानना और कागज फाड़ना |
| मणिकम टैगोर | कांग्रेस | आसन की ओर कागज उछालना |
| हिबी ईडन | कांग्रेस | वेल में हंगामा और अमर्यादित व्यवहार |
| गुरजीत सिंह औजला | कांग्रेस | कार्यवाही में बाधा डालना |
| डीन कुरियाकोस | कांग्रेस | आसन की अवहेलना |
| सी. किरण कुमार रेड्डी | कांग्रेस | तख्तियां दिखाना और शोर-शराबा |
| प्रशांत पाडोले | कांग्रेस | सचिव के टेबल तक पहुँचने की कोशिश |
| एस. वेंकटेशन | CPI(M) | अमर्यादित आचरण |
सदन स्थगित होने के बाद संसद परिसर में विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किया।
राहुल गांधी का पक्ष: “सरकार डरी हुई है। अगर पूर्व सेना प्रमुख ने कुछ लिखा है और वह सार्वजनिक डोमेन में है, तो देश को सच जानने का हक है। मेरी आवाज दबाने के लिए सांसदों को निलंबित किया जा रहा है।” प्रियंका गांधी वाद्रा: उन्होंने सांसदों के निलंबन को ‘हास्यास्पद’ बताते हुए कहा कि लोकतंत्र में हर सदस्य को अपनी बात रखने का अधिकार है।
सरकार का पक्ष: संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष चर्चा से भाग रहा है। “आसन पर कागज फेंकना और कार्यवाही को बाधित करना हमारी संसदीय परंपराओं पर कलंक है। राहुल गांधी ऐसी रिपोर्ट का हवाला दे रहे हैं जिसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।”
निष्कर्ष: यह गतिरोध केवल एक किताब तक सीमित नहीं है, बल्कि यह चीन सीमा विवाद और अग्निपथ योजना जैसे संवेदनशील मुद्दों पर विपक्ष की आक्रामकता को दर्शाता है। निलंबन के बाद अब शेष सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।















