छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले को खेल के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने जशपुर में अत्याधुनिक तीरंदाजी अकादमी के निर्माण के लिए 20.53 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान कर दी है। यह अकादमी न केवल जिले बल्कि पूरे राज्य के उभरते तीरंदाजों के लिए एक नया मंच साबित होगी।
जशपुर को पहले से ही तीरंदाजी की नर्सरी माना जाता है। यहां के आदिवासी अंचलों से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचे हैं। सरकार का मानना है कि आधुनिक सुविधाओं से लैस अकादमी बनने से इन प्रतिभाओं को अपने ही जिले में बेहतर प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और संसाधन मिल सकेंगे।
प्रस्तावित तीरंदाजी अकादमी में अंतरराष्ट्रीय मानकों का अभ्यास मैदान, इंडोर शूटिंग रेंज, आधुनिक उपकरण, फिटनेस सेंटर, हॉस्टल, कोचिंग स्टाफ और खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे खिलाड़ियों को बाहर के राज्यों या शहरों में जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
खेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह अकादमी युवाओं को खेल के माध्यम से करियर बनाने का अवसर देगी। साथ ही, इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। प्रशिक्षक, सहायक स्टाफ और अन्य व्यवस्थाओं में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की संभावना है।
स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में इस घोषणा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि यह फैसला जशपुर की पहचान को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर और मजबूत करेगा।














