राज्य शासन के निर्देशानुसार शुक्रवार, 07 अगस्त 2026 से शुरू हुए ‘मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026’ के पहले ही दिन इंदौर में प्रशासनिक प्रतिबद्धता का अनूठा और सराहनीय नजारा देखने को मिला। अमूमन अपनी-अपनी सरकारी गाड़ियों में चलने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस अभियान के तहत सादगी और एकजुटता का संदेश देते हुए एक ही बस में सवार होकर ग्रामीण क्षेत्र के औचक निरीक्षण पर निकले।
इंदौर के संभागायुक्त (Divisional Commissioner) दीपक सिंह, कलेक्टर आशीष सिंह, जिला पंचायत सीईओ, निगम आयुक्त और अन्य विभागीय विभागाध्यक्ष (HoDs) रेसीडेंसी कोठी से एक साथ बस में बैठकर महू तहसील के सुदूर ग्रामीण क्षेत्र ‘अंबा चंदन’ (Amba Chandan) के लिए रवाना हुए।
एक साथ बस यात्रा: सादगी और ‘टीम वर्क’ का संदेश
- नो-मीटिंग फ्राइडे और ग्राउंड जीरो पर मौजूदगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा छिंदवाड़ा से इस अभियान का शंखनाद किए जाने के बाद इंदौर संभाग और जिला प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आया।
- संसाधनों की बचत और आपसी समन्वय: संभागायुक्त और कलेक्टर ने अलग-अलग दर्जनों लग्जरी सरकारी गाड़ियों का कारकेड ले जाने के बजाय एक मिनी बस से यात्रा करना चुना। इससे न केवल ईंधन और संसाधनों की बचत हुई, बल्कि बस यात्रा के दौरान ही अधिकारियों ने जिले की ग्रामीण समस्याओं और विकास योजनाओं की रूपरेखा पर आपस में विस्तृत चर्चा की।
अंबा चंदन में चौपाल और ‘ऑन-द-स्पॉट’ समाधान
ग्राम अंबा चंदन पहुँचकर अधिकारियों ने सीधे ग्रामीणों, किसानों और महिलाओं के बीच बैठकर ‘जनसमस्या निवारण चौपाल’ लगाई:
- योजनाओं का फीडबैक: संभागायुक्त और कलेक्टर ने पीएम आवास, आयुष्मान भारत, लाड़ली बहना, नामांतरण, फौती और राजस्व मामलों की ज़मीनी स्थिति का जायजा लिया।
- मौके पर निराकरण: ग्रामीणों द्वारा पेश की गई व्यक्तिगत व सार्वजनिक समस्याओं के आवेदनों को तुरंत दर्ज कर संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण के सख्त निर्देश दिए गए।
- सीएम हेल्पलाइन समीक्षा: गांव स्तर पर लंबित शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वाले मैदानी कर्मचारियों (पटवारी, पंचायत सचिव आदि) पर सीधी कार्रवाई होगी।
जन-विश्वास अभियान की राह पर इंदौर
इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि 7 अगस्त 2026 से 7 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस 6 माह के अभियान के तहत प्रत्येक शुक्रवार को इसी तरह पूरा प्रशासनिक अमला एसी कमरों और दफ्तरों से निकलकर गांवों, मजरे-टोलों और शहरी बस्तियों में सीधे जनता के द्वार पहुँचेगा।












