होरमुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक है जहाँ दुनिया का 21% से अधिक कच्चा तेल गुजरता है। इस इलाके में किसी भी तरह का संकट आ जाए तो भारत जैसे देशों को भारी नुकसान हो सकता है। मोदी सरकार इस संकट को समझती है और इसलिए एक दूरदर्शी रणनीति बना रही है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी परिस्थिति में पेट्रोल-डीजल की कमी न हो।
सरकार की रणनीति: मोदी सरकार तेल भंडार को बढ़ाने पर फोकस कर रही है। भारत के रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) को बढ़ाने की योजना है जो आपातकालीन परिस्थितियों में ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। सरकार नई रिफाइनरियां बना रही है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर भी काम कर रही है।
नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर: सरकार सौर और पवन ऊर्जा में बड़े निवेश कर रही है ताकि तेल पर निर्भरता कम हो सके। इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना भी इसी रणनीति का हिस्सा है।
अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी: भारत विभिन्न देशों के साथ ऊर्जा समझौते कर रहा है ताकि तेल की आपूर्ति में विविधता आए। रूस, सऊदी अरब, ईरान और अन्य देशों के साथ दीर्घकालीन समझौते इसी दिशा में कदम हैं।
निष्कर्ष: मोदी सरकार की यह दूरदर्शी नीति भारत को ऊर्जा संकट से बचाएगी और आर्थिक विकास को सुनिश्चित करेगी।












