भारत सरकार के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट (DPDP Act) के आगामी कड़े नियमों के अनुपालन (Compliance) की दिशा में टेक दिग्गज ‘मेटा’ (Meta) ने बड़ा कदम उठाया है। मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सऐप (WhatsApp) ने भारत में अपने यूजर्स के लिए ‘एज-वेरिफिकेशन’ (आयु पुष्टि) प्रक्रिया का परीक्षण (Beta Testing) शुरू कर दिया है।
सोशल मीडिया पर कई भारतीय यूजर्स ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप ऐप खोलते ही अपनी जन्मतिथि (Date of Birth) दर्ज करने का एक पॉप-अप मैसेज मिल रहा है, जिसमें लिखा है: “Upcoming laws in India require us to ask for your age” (भारत में आने वाले नए कानूनों के तहत हमें आपकी उम्र पूछने की आवश्यकता है)।
🔍 क्या है DPDP एक्ट का नियम और व्हाट्सऐप की मजबूरी?
भारत के DPDP एक्ट (धारा 9) के तहत सोशल मीडिया और इंटरनेट कंपनियों के लिए बच्चों (18 वर्ष से कम उम्र) के डेटा प्रोसेसिंग पर कड़े नियम लागू किए गए हैं:
- अभिभावक की सहमति (Verifiable Parental Consent): 18 साल से कम उम्र के नाबालिगों के पर्सनल डेटा को प्रोसेस या ट्रैक करने से पहले उनके माता-पिता या कानूनी अभिभावक की सत्यापित सहमति लेना अनिवार्य है।
- बिहेवियरल ट्रैकिंग पर रोक: कंपनियों को बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार को ट्रैक करने, उनकी प्रोफाइलिंग करने या उन्हें टारगेटेड विज्ञापन (Targeted Ads) दिखाने पर पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।
- सुरक्षा और उम्र की पहचान: प्लेटफॉर्म्स को यह सुनिश्चित करना होगा कि कौन सा यूजर वयस्क (Adult) है और कौन नाबालिग, ताकि नियमों का उल्लंघन होने पर भारी जुर्माना (₹250 करोड़ तक) न लगे।
🔒 व्हाट्सऐप/मेटा की आधिकारिक सफाई: “प्राइवेसी रहेगी पूरी तरह सुरक्षित”
सोशल मीडिया पर गोपनीयता (Privacy) को लेकर शुरू हुई चर्चा के बाद व्हाट्सऐप के प्रवक्ता ने आधिकारिक बयान जारी कर यूजर्स को आश्वस्त किया है:
- पूरी तरह ऐच्छिक (Optional Test): कंपनी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में चल रहा यह एज-वेरिफिकेशन परीक्षण ऐच्छिक (Optional) है। यदि यूजर जन्मतिथि दर्ज नहीं करना चाहता, तो भी उसकी सेवा में कोई बाधा नहीं आएगी।
- गोपनीय रहेगी उम्र: व्हाट्सऐप ने कहा कि यूजर द्वारा दर्ज की गई जन्मतिथि या उम्र की जानकारी पूरी तरह गोपनीय (Private) रखी जाएगी और इसे अन्य व्हाट्सऐप यूजर्स या कॉन्टैक्ट्स के साथ शेयर नहीं किया जाएगा।
- चैट्स पर कोई असर नहीं: इस प्रक्रिया से व्हाट्सऐप की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन (End-to-End Encryption) या सामान्य सुविधाओं में कोई बदलाव नहीं आएगा।
🏛️ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय (MeitY) की प्रतिक्रिया
केंद्रीय आईटी सचिव एस. कृष्णन ने व्हाट्सऐप के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “व्हाट्सऐप का यह कदम DPDP एक्ट के आयु-संबंधी प्रावधानों के संदर्भ में ही हो सकता है। सरकार इस पूरे तंत्र और डेटा संग्रह की प्रक्रिया का अध्ययन कर रही है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि प्राइवेसी और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन न हो।”
💡 भारतीय यूजर्स और बिजनेस के लिए क्या बदलेगा?
- सामान्य यूजर्स: भविष्य में जब DPDP कानून पूरी तरह लागू होगा, तो नए अकाउंट बनाते समय या मौजूदा अकाउंट्स में उम्र का सत्यापन अनिवार्य किया जा सकता है।
- व्हाट्सऐप मार्केटिंग व बिजनेस (WhatsApp Business API): जो कंपनियां व्हाट्सऐप के जरिए प्रमोशनल मैसेज या मार्केटिंग करती हैं, उन्हें 18 साल से कम उम्र के नंबर्स को फिल्टर करना होगा या अभिभावक की सहमति का रिकॉर्ड (Timestamped Consent) रखना होगा।












