मध्यप्रदेश के दौर क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस त्रासदी के लिए सीधे तौर पर भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक लापरवाही और सरकारी तंत्र की निष्क्रियता के कारण निर्दोष नागरिकों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जीतू पटवारी ने कहा कि यह कोई प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि पूरी तरह मानव निर्मित त्रासदी है। यदि समय रहते जल स्रोतों की जांच, शुद्धिकरण और आपूर्ति व्यवस्था पर ध्यान दिया गया होता, तो यह हादसा टल सकता था। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर दूषित जल की शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने कार्रवाई क्यों नहीं की।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार सिर्फ घोषणाओं में व्यस्त रहती है, जबकि जमीनी हकीकत यह है कि ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में पीने के साफ पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी सुरक्षित नहीं है। उन्होंने पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की।
पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब इस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है, जबकि सच्चाई सामने लाना और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकना सरकार की जिम्मेदारी है।
फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच के आदेश दिए जाने की बात कही जा रही है, लेकिन विपक्ष का कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक न्याय अधूरा रहेगा।
















