मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपनी हरिद्वार यात्रा के दौरान आध्यात्मिक जगत की प्रतिष्ठित विभूति युग पुरुष महामंडलेश्वर स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज से सौजन्य भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह मुलाकात हरिद्वार के अखंड परम धाम आश्रम में हुई, जहाँ मुख्यमंत्री ने स्वामी जी के साथ भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और मानव कल्याण के विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
| मुख्य विवरण | जानकारी (Details) |
| प्रमुख व्यक्तित्व | डॉ. मोहन यादव (CM, MP) और स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज। |
| स्थान | अखंड परम धाम, हरिद्वार (उत्तराखंड)। |
| मुलाकात का स्वरूप | सौजन्य भेंट एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शन। |
| चर्चा का केंद्र | सामाजिक चेतना, सनातन धर्म का उत्थान और लोक कल्याण। |
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज के चरणों में नमन कर प्रदेश की खुशहाली और प्रगति के लिए आशीर्वाद मांगा।
मुलाकात के प्रमुख बिंदु:
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज अपने प्रखर विचारों और ‘अखंड परम धाम’ के माध्यम से मानवता की सेवा के लिए जाने जाते हैं। मुख्यमंत्री ने उनके द्वारा चलाए जा रहे सेवा कार्यों, विशेषकर शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की।
- मध्य प्रदेश का सौभाग्य: डॉ. यादव ने स्वामी जी को अवगत कराया कि मध्य प्रदेश सरकार राज्य में धार्मिक पर्यटन और आध्यात्मिक केंद्रों के पुनरुद्धार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने उज्जैन के महाकाल लोक और ओंकारेश्वर के एकात्म धाम (Statue of Oneness) की प्रगति पर भी चर्चा की।
- संतों का मार्गदर्शन: मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों का सानिध्य शासन को सही दिशा में चलने की प्रेरणा देता है। स्वामी जी ने मुख्यमंत्री को जनकल्याण के पथ पर अडिग रहने और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए कार्य करने का मंगल आशीर्वाद दिया।
- अखंड भारत का संकल्प: चर्चा के दौरान स्वामी जी के ‘अखंड भारत’ और सांस्कृतिक एकता के विजन पर भी विचार-विमर्श हुआ, जिसे मुख्यमंत्री ने नई पीढ़ी के लिए अत्यंत प्रेरणादायी बताया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस भेंट के बाद साझा किया:
“युग पुरुष महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी परमानंद गिरी जी महाराज से भेंट कर हृदय असीम शांति और सकारात्मक ऊर्जा से भर गया। उनके विचार हमें लोक सेवा के संकल्प को और अधिक दृढ़ बनाने की शक्ति प्रदान करते हैं।”
















