सावन मास के दूसरे सोमवार और ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ के पावन अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का 10 अगस्त 2026 का शेड्यूल धार्मिक आस्था, जनकल्याण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों से परिपूर्ण रहा।
सोमवार सुबह भोपाल से जबलपुर पहुँचे मुख्यमंत्री ने रांझी क्षेत्र में आयोजित 16वीं ‘संस्कार कांवड़ यात्रा 2026’ में सहभागिता की। इसके पश्चात भोपाल लौटकर उन्होंने ‘राज्य स्तरीय बुनकर एवं शिल्पी सम्मान’ समारोह में भाग लिया तथा कई प्रशासनिक बैठकों की अध्यक्षता की।
1. जबलपुर में संस्कार कांवड़ यात्रा: डमरू बजाया और कांवड़ियों पर बरसाए फूल
- रांझी में उमड़ा जनसैलाब: संस्कारधानी जबलपुर के रांझी क्षेत्र में माँ नर्मदा का जल लेकर बाबा महाकाल व भोलेनाथ का जलाभिषेक करने निकले लाखों कांवड़ियों का मुख्यमंत्री ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
- कांवड़ उठाई व बजाया डमरू: मुख्यमंत्री ने यात्रा में साधु-संतों और दादा गुरु के साथ पैदल यात्रा की, कांवड़ उठाई और डमरू बजाकर श्रद्धालुओं का उत्साहवर्धन किया।
- आगर मालवा कलश यात्रा (वीसी): डुमना एयरपोर्ट जबलपुर से ही मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से आगर मालवा में आयोजित भव्य कलश यात्रा कार्यक्रम को संबोधित किया और नागरिकों को शुभकामनाएं दीं।
2. भोपाल में ‘राष्ट्रीय हथकरघा दिवस’ पर बुनकर-शिल्पी सम्मान एवं वेब पोर्टल लॉन्च
जबलपुर से भोपाल लौटने के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन हॉल में आयोजित ‘राज्य स्तरीय बुनकर/शिल्पी सम्मान समारोह’ में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की:
- वेब कॉमर्स पोर्टल का शुभारंभ: प्रदेश के बुनकरों और हस्तशिल्पियों के उत्पादों को वैश्विक बाज़ार उपलब्ध कराने के लिए विशेष ‘वेब कॉमर्स पोर्टल’ का लोकार्पण किया गया।
- उत्कृष्ट शिल्पियों का सम्मान: राज्य के प्रतिभावान बुनकरों एवं हस्तशिल्पकारों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया।
- रवींद्र भवन में अभिनंदन कार्यक्रम: इससे पूर्व दोपहर में रवींद्र समागम केंद्र में आयोजित नागरिक अभिनंदन कार्यक्रम में CM शामिल हुए।
3. मंत्रालय में बैठकें: स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों की समीक्षा
दोपहर बाद मुख्यमंत्री ने वल्लभ भवन (मंत्रालय) पहुँचकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक की:
- 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) की तैयारियां: आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस समारोह तथा आगामी पर्वों-त्योहारों के शांतिपूर्ण और भव्य आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर समीक्षा बैठक की।
- कानून-व्यवस्था व प्रशासनिक मुलाकातें: दिन के अंतिम सत्र में शासकीय कार्यप्रणाली और आगामी जनहित योजनाओं पर चर्चा की।












