मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी हरिद्वार यात्रा के दौरान समन्वय सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित एक अत्यंत भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यहाँ उन्होंने अनंतश्री विभूषित परम गुरुदेव स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज (भारत माता मंदिर के संस्थापक) की समाधि पर मूर्ति स्थापना (प्राण-प्रतिष्ठा) समारोह और संत समागम को संबोधित किया।
| विवरण | जानकारी (Details) |
| मुख्य आयोजन | स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी महाराज की मूर्ति स्थापना एवं प्राण-प्रतिष्ठा। |
| आयोजक | समन्वय सेवा ट्रस्ट, हरिद्वार। |
| दिनांक | 5 फरवरी 2026 |
| प्रमुख अतिथि | डॉ. मोहन यादव, पुष्कर सिंह धामी (CM उत्तराखंड), मनोज सिन्हा (LG जम्मू-कश्मीर)। |
| धार्मिक नेतृत्व | आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज एवं अन्य वरिष्ठ संत। |
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सनातन संस्कृति और राष्ट्रीय चेतना को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:
- आदि शंकराचार्य का योगदान: मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति को पुनर्जीवित करने में आदि शंकराचार्य का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया कि शंकराचार्य जी का मध्य प्रदेश की धरा (ओमकारेश्वर) से गहरा नाता रहा है।
- वैचारिक स्पष्टता: डॉ. यादव ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि “वैचारिक स्तर पर भारत को हिंदुत्व पर गर्व है और हिंदुत्व ही राष्ट्रत्व का आधार है।” उन्होंने कहा कि संत समाज और सरकार मिलकर राष्ट्र निर्माण की इस धारा को आगे बढ़ा रहे हैं।
- सिंहस्थ 2028 का आमंत्रण: उज्जैन (महाकाल की नगरी) से आने के कारण मुख्यमंत्री ने उपस्थित समस्त संत समाज को वर्ष 2028 में उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ कुंभ के लिए भावभीनी विदाई और आमंत्रण दिया।
- भारत माता मंदिर की महिमा: उन्होंने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि जी द्वारा स्थापित ‘भारत माता मंदिर’ की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता का जीवंत प्रतीक बताया।
यात्रा के अन्य पड़ाव: योग और हवन
गुरुदेव समाधि मंदिर के कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने:
- पतंजलि योगपीठ में बाबा रामदेव के साथ शीर्षासन सहित विभिन्न योगासन किए।
- कन्या गुरुकुल में आयोजित पावन हवन और यज्ञ में आहुति दी।
- भारत माता मंदिर में दर्शन कर देश के मंगल की कामना की।

















