मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल में एक अहम कार्यक्रम के दौरान शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब प्रदेश के छात्रों को वीर बालकों की शहादत के बारे में विधिवत रूप से पढ़ाया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी अपने गौरवशाली इतिहास और बलिदान की गाथाओं से परिचित हो सके।
सीएम मोहन यादव ने कहा कि साहिबजादों का बलिदान केवल सिख इतिहास ही नहीं, बल्कि पूरे देश की धरोहर है। उनका साहस, त्याग और राष्ट्र के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति का भाव जागृत करना भी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्कूल पाठ्यक्रम में वीर बालकों के जीवन, संघर्ष और शहादत को शामिल करने की दिशा में शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विशेषज्ञों और इतिहासकारों की मदद से सामग्री तैयार की जाएगी, ताकि तथ्यात्मक और प्रेरणादायक जानकारी छात्रों तक पहुंचे।
सीएम ने कहा कि इससे छात्रों में देश के प्रति सम्मान, कर्तव्यबोध और सांस्कृतिक चेतना मजबूत होगी। उन्होंने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों को भी प्राथमिकता दे रही है।
कार्यक्रम में मौजूद शिक्षाविदों और अभिभावकों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम बच्चों को अपने इतिहास से जोड़ने और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाने में मदद करेगा। जल्द ही इस निर्णय को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।















