मध्य प्रदेश में भोले-भाले निवेशकों को कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने का झांसा देकर ₹42 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाली पोंजी/चिटफंड कंपनी के मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बड़ा खुलासा किया है। मामले की पड़ताल कर रही सीआईडी की विशेष जांच टीम (SIT) ने फर्जी चिटफंड कंपनी के अंतरराज्यीय वित्तीय सांठगांठ (Inter-State Network) को ट्रैक करते हुए मुंबई और राजस्थान में फैले मुख्य प्रमोटरों और शेल कंपनियों के सुराग जुटाए हैं।
अनुसंधान एजेंसियों के अनुसार, घोटाले की मुख्य रकम को मध्य प्रदेश के कई जिलों से ऐंठने के बाद मुंबई के शेल बैंक खातों (Shell Accounts) और राजस्थान के रियल एस्टेट व कमोडिटी ट्रेड में डायवर्ट किया गया था।
🔍 जांच में सामने आए 3 मुख्य पहलू (Key Investigation Findings):
- मुंबई का फर्जी शेल कंपनी नेटवर्क: CID की आर्थिक अपराध विंग द्वारा खंगाले गए बैंक खातों के ट्रेल (Money Trail) से पता चला है कि मध्य प्रदेश के मंदसौर, नीमच, इंदौर और रतलाम अंचल से जुटाई गई गाढ़ी कमाई को मुंबई स्थित आधा दर्जन कागजी (Dummy) कंपनियों के खातों में ट्रांसफर किया गया था।
- राजस्थान के हवाला व रियल एस्टेट में इनवेस्टमेंट: जांच अधिकारियों के अनुसार, फर्जीवाड़े का मुख्य मास्टरमाइंड राजस्थान के जयपुर और कोटा जिले से अपना नेटवर्क चला रहा था। ठगी की रकम को राजस्थान में बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और हवाला नेटवर्क के जरिए अन्य व्यवसाय में लगाया गया था।
- कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच: आरोपी फर्जी पोंजी स्कीम्स चलाकर ग्रामीण व मध्यमवर्गीय परिवारों से हर महीने जमा पूंजी लेते थे। शुरुआती कुछ महीनों में लाभांश देने के बाद रातों-रात दफ्तरों में ताला लगाकर फरार हो गए थे।
🚨 सीआईडी (CID) की आगामी कार्रवाई:
- मुंबई व राजस्थान भेजी गईं विशेष टीमें: सीआईडी मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर दो अलग-अलग विशेष टीमें मुंबई और राजस्थान के लिए रवाना कर दी गई हैं, ताकि बैंक खातों को फ्रीज (Freeze) कराया जा सके और मुख्य आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी जा सके।
- संपत्तियों की जब्ती (Property Attachment): एमपी निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम (Protection of Depositors Interest Act) के तहत आरोपियों की चिन्हित बेनामी संपत्तियों को कुर्क कर नीलाम करने की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जा रही है, ताकि पीड़ितों की डूबी रकम की भरपाई की जा सके।
आम जनता के लिए सतर्कता संदेश
सीआईडी और मध्य प्रदेश पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) या सेबी (SEBI) से गैर-पंजीकृत किसी भी लुभावनी चिटफंड योजना या पोंजी कंपनियों में अपनी मेहनत की कमाई का निवेश न करें। किसी भी संदिग्ध कंपनी की सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाइन पर दें।












