मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में डिजिटल जालसाजों और साइबर ठगों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच (Cyber Crime Branch Bhopal) में दर्ज तीन अलग-अलग शिकायतों के अनुसार, शातिर ठगों ने तीन नागरिकों को अपने झांसे में लेकर कुल ₹3.29 लाख रुपये का चूना लगा दिया।
ठगों ने डिजिटल अरेस्ट, पार्ट-टाइम जॉब (Task-Based Fraud) और फर्जी बैंक एपीके (APK File) डाउनलोड करवाने जैसे नए पैंतरों का इस्तेमाल कर इन वारदातों को अंजाम दिया है।
ठगी के 3 अलग-अलग मामले और पैंतरे
- टेलीग्राम टास्क के नाम पर ₹1.80 लाख की ठगी: शहर के एक निजी कर्मचारी को वर्क-फ्रॉम-होम (Work From Home) और टेलीग्राम पर वीडियो लाइक/रिव्यू करने के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया गया। शुरुआत में छोटे रिटर्न देकर भरोसा जीता गया और बाद में टास्क पूरा करने के नाम पर ₹1.80 लाख ट्रांसफर करवा कर खाता ब्लॉक कर दिया गया।
- फर्जी ऐप (APK) डाउनलोड कराकर ₹95,000 साफ: दूसरे मामले में एक वरिष्ठ नागरिक के मोबाइल पर बिजली बिल / बैंक केवाईसी (KYC Update) का फर्जी मैसेज भेजकर एक अनजान एपीके (APK) फाइल डाउनलोड कराई गई। जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुआ, ठगों ने फोन का स्क्रीन एक्सेस लेकर खाते से ₹95,000 उड़ा लिए।
- कस्टमर केयर का झांसा देकर ₹54,000 की चपत: तीसरे मामले में ऑनलाइन शॉपिंग रिफंड और कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव बनकर एक पीड़ित से उसके क्रेडिट/डेबिट कार्ड का ओटीपी (OTP) हासिल कर ₹54,000 ऐंठ लिए गए।
साइबर क्राइम ब्रांच की सावधानियां और अपील
मामला दर्ज कर साइबर पुलिस की तकनीकी टीम आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ट्रेस कर रही है। साइबर विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है:
- किसी भी अज्ञात स्रोत से भेजी गई .APK फाइलों या लिंक पर क्लिक न करें।
- सोशल मीडिया पर ‘घर बैठे पैसे कमाने’ वाले संदिग्ध विज्ञापनों और टेलीग्राम ग्रुप्स के झांसे में न आएं।
- धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।












