भोपाल नगर निगम (BMC) की मेयर मालती राय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,938.45 करोड़ का बजट पेश किया है। इस बजट की सबसे बड़ी राहत यह है कि इसमें प्रॉपर्टी और वॉटर टैक्स में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। हालांकि, सीवेज और अन्य शुल्कों में मामूली वृद्धि के साथ शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
भोपाल: राजधानी भोपाल के सर्वांगीण विकास के लिए ‘शहर सरकार’ ने अपना पिटारा खोल दिया है। सोमवार, 23 मार्च 2026 को मेयर मालती राय ने नगर निगम परिषद में ₹3,938.45 करोड़ का बजट पेश किया। चुनावी साल और आर्थिक चुनौतियों के बीच पेश किए गए इस बजट में मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देते हुए किसी भी नए कर (Tax) का बोझ नहीं डाला गया है।
बजट की 5 बड़ी और महत्वपूर्ण बातें:
- टैक्स से राहत: पिछले साल के विपरीत, इस बार संपत्ति कर (Property Tax) और जल कर (Water Tax) में कोई वृद्धि नहीं की गई है। हालांकि, व्यावसायिक सीवेज टैक्स में 13% और नए सीवेज कनेक्शन की फीस में 10-18% की बढ़ोतरी का प्रस्ताव है।
- ‘हर घर नल’ का संकल्प: बजट में ₹874 करोड़ के प्रोजेक्ट का प्रावधान है, जिसके तहत कॉलोनियों में ‘बल्क सप्लाई’ की जगह सीधे हर घर के नल तक पानी पहुँचाया जाएगा। इसके साथ ही ₹582 करोड़ नई पाइपलाइन और टंकियों के लिए रखे गए हैं।
- सीवेज और स्वच्छता पर जोर: शहर के 70% हिस्से को सीवेज नेटवर्क से जोड़ने के लिए ₹1,050 करोड़ आवंटित किए गए हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण (Swachh Survekshan) में नंबर 1 आने के लक्ष्य के साथ ₹84 करोड़ का अलग से प्रावधान है।
- नया ‘न्यू मार्केट’ और विकास: पुराने शहर के ट्रैफिक को व्यवस्थित करने के लिए नया मार्केट विकसित करने, मीट मार्केट को कवर करने और 14 नए पार्किंग स्थल बनाने का प्रस्ताव पास किया गया है।
- कर्मचारी कल्याण: नगर निगम कर्मचारियों के बच्चों की शिक्षा प्रोत्साहन राशि ₹10,000 से बढ़ाकर ₹15,000 की गई है। ड्यूटी के दौरान घायल होने पर ₹2 लाख की आर्थिक सहायता का भी प्रावधान है।
सांस्कृतिक और पर्यटन विकास: रानी कमलापति की स्मृति में ‘झील महोत्सव’ को पुनर्जीवित करने के लिए ₹3 करोड़ और गुरु तेग बहादुर जी की याद में संग्रहालय निर्माण के लिए विशेष राशि आवंटित की गई है।

















