उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री राम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह कोई उत्सव नहीं बल्कि दान में मिली बहुमूल्य सामग्रियों को लेकर उपजा विवाद है। राम मंदिर में दान किए गए सोने के आभूषणों और पवित्र ग्रंथों के गायब होने या चोरी होने की उड़ रही अफवाहों और आरोपों पर विराम लगाने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने आज एक बड़ा और अभूतपूर्व कदम उठाया है। ट्रस्ट ने आज खुद मीडिया कैमरों के सामने आकर उन सभी बहुमूल्य सामग्रियों को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिन्हें लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था।
क्या था पूरा विवाद? दानदाताओं ने लगाए थे गंभीर आरोप
दरअसल, पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह चर्चाएं तेज थीं कि रामलला के दरबार में दान की गई कुछ बेहद कीमती वस्तुएं मंदिर के रिकॉर्ड या लॉकर से गायब हो चुकी हैं।
- चोरी के आरोप: इन बहुमूल्य सामग्रियों को मंदिर में समर्पित करने वाले कुछ विशिष्ट दानदाताओं ने सार्वजनिक रूप से चिंता व्यक्त की थी और ट्रस्ट प्रबंधन पर लापरवाही या चोरी होने के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की थी।
- भ्रम की स्थिति: इस मामले के सामने आने के बाद देश भर के रामभक्तों और मीडिया में तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे थे, जिससे मंदिर प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे थे।
मीडिया के सामने पेश की गईं ये 4 सबसे बेशकीमती सामग्रियां
विवाद को और ज्यादा तूल पकड़ने से रोकने और पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने आज एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई। इस दौरान सुरक्षा घेरे के बीच मीडिया के कैमरों के सामने निम्नलिखित सामग्रियां प्रदर्शित की गईं:
- स्वर्ण जड़ित रामचरितमानस: सोने के पन्नों और नक्काशी से तैयार की गई पवित्र रामचरितमानस की प्रति, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र रही।
- काकभुसुंडि की स्वर्ण प्रतिमा: कागभुसुंडी जी की अत्यंत सुंदर और बहुमूल्य कलाकृति, जिसे सुरक्षित लॉकर से निकाला गया था।
- दिव्य स्वर्ण हार: रामलला के श्रृंगार के लिए दान किया गया भारी और नक्काशीदार सोने का हार।
- स्वर्ण चरण पादुकाएं: प्रभु श्री राम के चरणों में अर्पित की गई सोने की पवित्र चरण पादुकाएं।
ट्रस्ट का आधिकारिक दावा: “अफवाहों पर ध्यान न दें, एक-एक रत्ती सुरक्षित”
सामग्रियों को लाइव दिखाते हुए राम मंदिर ट्रस्ट के मुख्य पदाधिकारियों ने साफ किया कि मंदिर को मिलने वाले हर छोटे-बड़े दान की पूरी तरह से वीडियोग्राफी की जाती है और उन्हें डिजिटल लेज़र रिकॉर्ड में दर्ज किया जाता है।
ट्रस्ट के प्रतिनिधि ने कहा, “रामलला के दरबार में आने वाली पाई-पाई और एक-एक रत्ती सोना-चांदी पूरी तरह सुरक्षित है और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत बैंक लॉकर व स्ट्रांग रूम में रखा गया है। गायब होने के सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद, भ्रामक और दुर्भाग्यपूर्ण हैं। दानदाताओं को किसी भी प्रकार के संशय में रहने की आवश्यकता नहीं है।”
इस आधिकारिक प्रकटीकरण और लाइव तस्वीरों के सामने आने के बाद पिछले कई दिनों से अयोध्या से लेकर दिल्ली तक चल रहे इस सियासी और धार्मिक विवाद पर फिलहाल पूरी तरह पटाक्षेप हो गया है।











