छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात में कृत्रिम यानी ‘एनालॉग पनीर’ (Analogue Paneer) के निर्माण और बिक्री पर बैन लगाए जाने के बाद अब मध्य प्रदेश सरकार भी इसे राज्य में पूरी तरह प्रतिबंधित करने की तैयारी कर रही है। मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने इंदौर में बड़ा बयान देते हुए कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए राज्य सरकार जल्द ही एनालॉग पनीर पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएगी।
यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब पड़ोसी राज्यों में सख्त कार्रवाई के बाद उस स्टॉक को मध्य प्रदेश के बाजारों में खपाए जाने (डंपिंग) की गंभीर आशंका जताई जा रही है।
स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने क्या कहा?
इंदौर में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा:
“छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और गुजरात में एनालॉग पनीर बैन होने के बाद यह अंदेशा है कि वहां का स्टॉक मध्य प्रदेश के बाजारों में खपाने के लिए भेजा जा सकता है। हम अपने प्रदेश के नागरिकों की सेहत से खिलवाड़ नहीं होने देंगे। मध्य प्रदेश में भी जल्द से जल्द एनालॉग पनीर को प्रतिबंधित किया जाएगा।”
उन्होंने आगे बताया कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के स्पष्ट निर्देश हैं कि एनालॉग या नॉन-डेयरी उत्पादों को अलग से स्पष्ट पैक और लेबल करके ही बेचा जाए। हालांकि, होटल, रेस्तरां और ढाबों में आम उपभोक्ताओं को बिना बताए असली डेयरी पनीर की जगह यह कृत्रिम पनीर परोसा जा रहा है।
क्या होता है एनालॉग पनीर और क्यों है सेहत के लिए चिंता का विषय?
- कैसे बनता है? पारंपरिक पनीर दूध को फाड़कर बनाया जाता है, जबकि एनालॉग पनीर गैर-डेयरी (Non-Dairy) प्रोडक्ट है। इसमें दूध के वसा (Milk Fat) की जगह वनस्पति तेल (Vegetable Oil), पाम ऑयल, स्टार्च, स्किम्ड मिल्क पाउडर और इमल्सीफायर मिलाए जाते हैं।
- कीमत में बड़ा अंतर: असली डेयरी पनीर बाजार में ₹350 से ₹450 प्रति किलो मिलता है, जबकि एनालॉग पनीर ₹150 से ₹250 प्रति किलो में तैयार हो जाता है। इसी सस्ते विकल्प के चलते होटल-कैटरिंग व्यवसाय में इसका भारी इस्तेमाल हो रहा है।
- स्वास्थ्य पर असर: घटिया क्वालिटी के हाइड्रोजेनेटेड तेल और पाम ऑयल का अत्यधिक इस्तेमाल पाचन तंत्र, कोलेस्ट्रॉल और हृदय स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।
एफएसएसएआई (FSSAI) और खाद्य सुरक्षा विभाग मुस्तैद
मध्य प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FDA) को अलर्ट पर रखा गया है ताकि बिना लेबलिंग वाले और मिलावटी पनीर की बिक्री करने वाले विक्रेताओं और रिपैकर्स पर नकेल कसी जा सके। प्रतिबंध की अधिसूचना जारी होते ही पूरे राज्य में विशेष जांच अभियान और सैंपलिंग की कार्रवाई शुरू की जाएगी।












