दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई तीखी झड़प, बैरिकेडिंग तोड़े जाने और पथराव की घटनाओं के बाद माहौल में पसरे तनाव के बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रहे युवा नेता अभिजित दिपके का बड़ा बयान सामने आया है। जंतर-मंतर से देश भर के छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए अभिजित दिपके ने सभी से संयम और शांति बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है और आंदोलन की साख तथा सफलता केवल ‘शांति और अहिंसा’ के मार्ग पर चलकर ही हासिल की जा सकती है।
“अहिंसा ही हमारा सबसे बड़ा हथियार” — अभिजित दिपके
जंतर-मंतर पर मीडिया व उपस्थित युवाओं को संबोधित करते हुए अभिजित दिपके ने कहा:
अभिजित दिपके ने कहा: “हम युवाओं और छात्रों के हक की न्यायसंगत लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन हमें यह कभी नहीं भूलना चाहिए कि शांति और अहिंसा ही हमारी असली ताकत हैं। जैसे ही आंदोलन में हिंसा, अराजकता या उपद्रव प्रवेश करता है, वैसे ही छात्रों का मूल मुद्दा पीछे छूट जाता है। मैं सभी साथियों से अपील करता हूं कि वे कानून-व्यवस्था बनाए रखें और अनुशासित रहकर अपनी आवाज सरकार तक पहुंचाएं।”
उपद्रवियों से दूरी बनाने की अपील
अभिजित दिपके ने प्रदर्शन में शामिल युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्व आंदोलन को बदनाम करने और पुलिस प्रशासन के साथ टकराव पैदा करने की कोशिश कर सकते हैं।
- भड़कावे में न आएं: उन्होंने युवाओं से किसी भी तरह की अफवाह या उकसावे में न आने की अपील की।
- संवैधानिक मर्यादा: उन्होंने दोहराया कि हमारा विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में रहकर जारी रहेगा।
पुलिस प्रशासन से भी की सहयोग की मांग
जंतर-मंतर पर रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच अभिजित दिपके ने प्रशासन से भी अनुरोध किया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रख रहे युवाओं और छात्रों पर किसी भी प्रकार का अनावश्यक बल प्रयोग न करें। उन्होंने कहा कि संवाद के जरिए ही रास्ते निकाले जाने चाहिए।












