दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट (NEET) पेपर लीक विवाद, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और लद्दाख के अधिकारों को लेकर चल रहा जन-आंदोलन अब एक बेहद संवेदनशील और खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बड़ी राजनैतिक ताकत के रूप में उभरी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक और अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने एक बेहद सनसनीखेज और चौंकाने वाला आरोप लगाया है।
अभिजीत दीपके ने दावा किया है कि जंतर-मंतर पर पिछले 20 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे प्रख्यात शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक पर कुछ अज्ञात तत्वों (गुंडों) द्वारा हमले की कोशिश की गई है।
अभिजीत दीपके का आरोप: “निशाना बनाकर फेंकी गई कोई चीज़”
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक आधिकारिक पोस्ट साझा करते हुए इस घटना की जानकारी दी और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए:
CJP अध्यक्ष अभिजीत दीपके ने लिखा: “जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से आमरण अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक सर पर शुक्रवार की देर रात कुछ गुंडों द्वारा हमले का प्रयास किया गया। उन्हें निशाना बनाकर कोई बाहरी वस्तु फेंकी गई थी। यह बेहद सौभाग्य की बात रही कि वे बाल-बाल बच गए और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई।”
दीपके ने आगे दावा किया कि उन्हें पहले से ही पुलिस महकमे के अंदरूनी सूत्रों (Internal Sources) से यह इनपुट मिला था कि जंतर-मंतर के इस शांतिपूर्ण छात्र और नागरिक आंदोलन को बदनाम करने और बाधित करने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों को भेजा जा सकता है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि सोनम वांगचुक को खरोंच भी आती है, तो इसकी सीधी और पूरी जिम्मेदारी केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस की होगी।
वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाने पर भी पुलिस को घेरा
इस कथित हमले के दावे के बीच, शनिवार सुबह जब दिल्ली पुलिस की टीम सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग/आरएमएल अस्पताल ले गई, तो अभिजीत दीपके ने पुलिसिया कार्रवाई को बेहद बर्बर और निंदनीय बताया। दीपके ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने 20 दिनों से भूखे एक 60 वर्षीय बुजुर्ग के साथ अभद्रता की और उन्हें जबरन गाड़ी में बिठाया।
सोनम वांगचुक की जगह खुद भूख हड़ताल पर बैठे दीपके, 20 जुलाई का ‘संसद मार्च’ तय
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जंतर-मंतर पर माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को हटाए जाने के विरोध में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के प्रमुख अभिजीत दीपके खुद मंच पर वांगचुक की तस्वीर रखकर आमरण अनशन (भूख हड़ताल) पर बैठ गए हैं।
दीपके ने साफ कर दिया है कि सरकार चाहे जितना दमन कर ले, छात्रों और लद्दाख के हक की यह आवाज दबेगी नहीं। उन्होंने एलान किया है कि आगामी 20 जुलाई को प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च अपने तय कार्यक्रम के अनुसार ही निकाला जाएगा और देश भर से युवा इसमें शामिल होने दिल्ली पहुंच रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल विवाद और कथित हमले के आरोपों के बाद जंतर-मंतर और शिक्षा मंत्री के आवास के आसपास सुरक्षा घेरा बेहद कड़ा कर दिया गया है।












