कोटा (राजस्थान) के कोचिंग हब जवाहर नगर इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आ रही है। आज सुबह एक पुरानी तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। इस इमारत का उपयोग छात्रों के हॉस्टल/पीजी (PG) के रूप में किया जा रहा था, जिसके चलते मलबे में कई कोचिंग छात्रों के दबे होने की दुखद खबर है।
यहाँ घटना से जुड़ी अब तक की प्रमुख जानकारी दी गई है:
घटना स्थल का विवरण: कोटा बिल्डिंग कोलैप्स
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | जवाहर नगर (कोचिंग एरिया), कोटा, राजस्थान |
| समय | सुबह लगभग 9:00 बजे |
| इमारत की स्थिति | जर्जर तीन मंजिला हॉस्टल |
| बचाव दल | SDRF, NDRF और स्थानीय पुलिस |
| वर्तमान स्थिति | मलबे को हटाने और फंसे लोगों को निकालने का काम जारी |
हादसा उस वक्त हुआ जब अधिकांश छात्र अपने कमरों में थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक धमाके जैसी आवाज के साथ पूरी इमारत धूल के गुबार में तब्दील हो गई।
घटनाक्रम और राहत कार्य:
- मलबे में फंसे छात्र: मलबे के नीचे फंसे छात्रों की संख्या को लेकर अभी स्पष्ट आंकड़ा नहीं आया है, लेकिन स्थानीय सूत्रों के अनुसार, करीब 10-15 छात्र दब सकते हैं। अब तक निकाले गए कुछ छात्रों की स्थिति अत्यंत गंभीर बताई जा रही है और कुछ की मौके पर ही मृत्यु होने की अपुष्ट खबरें आ रही हैं।
- प्रशासनिक कार्रवाई: कोटा कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) भारी दलबल के साथ मौके पर मौजूद हैं। NDRF और SDRF की टीमें ऑक्सीजन की आपूर्ति और कटर मशीनों का उपयोग कर मलबे में फंसे छात्रों तक पहुँचने की कोशिश कर रही हैं।
- अस्पताल में अलर्ट: कोटा के MBS अस्पताल और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। घायलों के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाकर उन्हें अस्पताल पहुँचाया जा रहा है।
- हादसे का कारण: प्रारंभिक तौर पर इमारत का जर्जर होना और हाल ही में पास में चल रहे निर्माण कार्य के कारण आधार कमजोर होना बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने रिपोर्ट तलब की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है।
कोटा जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि अभिभावक अपने बच्चों की जानकारी ले सकें।

















