छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और पुरातात्विक नगरी सिरपुर में तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हो गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने 1 फरवरी 2026 को इस महोत्सव का उद्घाटन किया। माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित यह उत्सव न केवल राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करता है, बल्कि सिरपुर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की सरकार की बड़ी योजना का हिस्सा है।
| विवरण | जानकारी (Details) |
| आयोजन तिथि | 1 फरवरी से 3 फरवरी 2026 |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री विष्णु देव साय |
| स्थान | महानदी तट, सिरपुर (महासमुंद जिला) |
| मुख्य आकर्षण | बाबा हंसराज रघुवंशी, मीट ब्रदर्स, महानदी आरती |
| विकास सौगात | ₹200 करोड़ के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण |
सिरपुर, जो कभी दक्षिण कोशल की राजधानी और बौद्ध शिक्षा का बड़ा केंद्र था, अब UNESCO विश्व धरोहर (World Heritage Site) का दर्जा प्राप्त करने की ओर अग्रसर है। सरकार ने इसे अंतर्राष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं:
- इन्फ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी: सरकार ने सिरपुर के पुरातात्विक स्थलों को जोड़ने के लिए एकीकृत ‘हेरिटेज कॉरिडोर’ विकसित करने का निर्णय लिया है। इसमें बैटरी चालित वाहनों (ई-कार्ट्स) का संचालन और पर्यटकों के लिए विशेष हेरिटेज वॉक मार्ग शामिल हैं।
- UNESCO के लिए दावेदारी: भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राज्य सरकार मिलकर सिरपुर के 34 स्मारकों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण पर काम कर रहे हैं। महोत्सव के दौरान “सिरपुर के लिए यूनेस्को आकांक्षाएं” विषय पर उच्च-स्तरीय चर्चा भी आयोजित की गई।
- बौद्ध सर्किट का हिस्सा: सिरपुर को वैश्विक ‘बौद्ध सर्किट’ (Buddhist Circuit) से जोड़ने के लिए भूटान, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे देशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। मान्यता है कि यहाँ के विहारों में कभी 10,000 से अधिक भिक्षु रहते थे।
- डिजिटल पर्यटन: पर्यटकों के अनुभव को आधुनिक बनाने के लिए एक ‘डिजिटल इंटरप्रिटेशन सेंटर’ की योजना है, जहाँ 3D तकनीक के माध्यम से सिरपुर के स्वर्णिम इतिहास को दिखाया जाएगा।
महोत्सव के रंग: भक्ति और संस्कृति का संगम
महोत्सव का प्रारंभ महानदी की दिव्य आरती से हुआ, जिसने बनारस की गंगा आरती की याद दिला दी।
- पहला दिन (1 फरवरी): बाबा हंसराज रघुवंशी की शिव भक्ति और छत्तीसगढ़ी लोक नृत्यों ने समां बांधा।
- दूसरा दिन (2 फरवरी): सूफी संगीत, कबीर गायन और इंडियन आइडल के सितारों (नितिन कुमार, नचिकेत लेले) की प्रस्तुतियां हुईं।
- तीसरा दिन (3 फरवरी): पंथी, डंडा और बस्तरिया नृत्य के साथ बॉलीवुड की मशहूर जोड़ी ‘मीट ब्रदर्स’ (Meet Brothers) ने महोत्सव का शानदार समापन किया।
निष्कर्ष: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य सिरपुर को केवल एक वार्षिक महोत्सव तक सीमित न रखकर इसे 12 महीने चलने वाला एक अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक हब बनाना है।

















