मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक बेहद लापरवाही भरी और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ जिला अस्पताल के एसएनसीयू (SNCU) में तैनात एक नर्स ने नवजात बच्चे के हाथ की पट्टी काटते समय गलती से उसका अंगूठा ही काट दिया। इस गंभीर मामले में स्वास्थ्य विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोषी नर्स को सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
यह घटना खंडवा जिला अस्पताल के SNCU वार्ड की है। अस्पताल के कर्मचारियों की इस अमानवीय लापरवाही ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | जिला अस्पताल, खंडवा (मध्य प्रदेश) |
| पीड़ित | 4 दिन का नवजात बच्चा |
| आरोपी | ड्यूटी पर तैनात नर्स |
| कार्रवाई | नर्स तत्काल प्रभाव से सस्पेंड, विभागीय जांच शुरू |
जानकारी के अनुसार, नवजात बच्चे को सांस लेने में तकलीफ के कारण SNCU वार्ड में भर्ती किया गया था। उसके हाथ में ड्रिप लगाने के लिए पट्टी बंधी हुई थी। ड्यूटी पर तैनात नर्स जब कैंची से उस पट्टी को निकाल रही थी, तभी उसने ध्यान नहीं दिया और मासूम का बायां अंगूठा कटकर अलग हो गया। बच्चे की चीख सुनकर जब परिजन अंदर पहुँचे, तो मंजर देखकर उनके होश उड़ गए।
परिजनों का हंगामा और प्रशासन की कार्रवाई:
- अस्पताल में तनाव: घटना के बाद बच्चे के पिता और परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और नर्स के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप है कि नर्स ने लापरवाही बरती और घटना के बाद भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
- सीएमएचओ का एक्शन: मामले की गंभीरता को देखते हुए खंडवा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने नर्स को तत्काल निलंबित कर दिया है। अस्पताल प्रबंधन ने मामले की जांच के लिए तीन डॉक्टरों की एक कमेटी गठित की है।
- बच्चे की स्थिति: अंगूठा कटने के बाद बच्चे का अत्यधिक रक्तस्राव (Bleeding) हुआ, जिसे डॉक्टरों ने बड़ी मशक्कत के बाद रोका। फिलहाल बच्चे का उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में चल रहा है और उसे इंदौर रेफर करने की भी तैयारी की जा रही है ताकि प्लास्टिक सर्जरी की संभावना तलाशी जा सके।
सिविल सर्जन का कहना है कि यह एक ‘अक्षम्य अपराध’ है और जांच रिपोर्ट आने के बाद नर्स के खिलाफ पुलिस केस (FIR) भी दर्ज कराया जा सकता है।















