बांग्लादेश की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की संभावित वापसी को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि तारिक रहमान की सक्रिय राजनीति में वापसी से मौजूदा सत्ता संतुलन पूरी तरह बदल सकता है।
तारिक रहमान, जो पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र हैं, लंबे समय से लंदन में रह रहे हैं। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य मामलों को लेकर विवाद रहे हैं, लेकिन समर्थक उन्हें बांग्लादेश की राजनीति का सबसे बड़ा रणनीतिकार मानते हैं। यही वजह है कि उन्हें बांग्लादेश का ‘धुरंधर’ भी कहा जाता है।
BNP के भीतर तारिक रहमान की वापसी को संगठन के पुनर्गठन और चुनावी मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी नेताओं का मानना है कि उनके नेतृत्व में विपक्ष एकजुट होकर सत्तारूढ़ अवामी लीग को कड़ी चुनौती दे सकता है। वहीं, सत्तापक्ष के लिए यह वापसी राजनीतिक सिरदर्द बन सकती है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यदि तारिक रहमान सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो बांग्लादेश की राजनीति में नई ध्रुवीकरण की स्थिति बन सकती है। आने वाले आम चुनावों में इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनकी वापसी को किस तरह लिया जाता है।
कुल मिलाकर, तारिक रहमान की संभावित वापसी सिर्फ एक नेता की वापसी नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में नई रणनीति, नई लड़ाई और नए समीकरणों की शुरुआत मानी जा रही है।
















