राजधानी भोपाल में आज से तीन दिवसीय आईएएस सर्विस मीट का विधिवत शुभारंभ हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन का उद्घाटन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से वरिष्ठ और नव-नियुक्त आईएएस अधिकारी शामिल हुए। यह मीट प्रशासनिक अनुभव साझा करने, नीति-निर्माण और सुशासन पर मंथन का अहम मंच माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र को सफल और मजबूत बनाने में प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आईएएस अधिकारियों के कंधों पर होती है। जनता का शासन पर भरोसा तभी कायम रहता है, जब अफसर संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करें।
सीएम यादव ने अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि आज के समय में प्रशासन को केवल नियमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनता की समस्याओं को समझकर समाधान देना चाहिए। यही लोकतंत्र की सच्ची भावना है।
तीन दिवसीय इस मीट में सुशासन, नवाचार, डिजिटल प्रशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और फील्ड स्तर की चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा होगी। विभिन्न सत्रों में वरिष्ठ अधिकारी अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे युवा अफसरों को मार्गदर्शन मिलेगा।
आईएएस सर्विस मीट को प्रशासनिक क्षमता विकास और आपसी समन्वय बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के आयोजन से नीति और जमीन पर काम के बीच की दूरी कम होती है।
यह आयोजन न केवल प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भी संदेश देता है कि सरकार और प्रशासन मिलकर लोकतांत्रिक मूल्यों को और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।














