झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं सिविल सेवा परीक्षा और जेएसएससी-सीजीएल (JSSC-CGL) भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित धांधली को लेकर राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में युवाओं व अभ्यर्थियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन 11वें दिन भी जारी रहा। अभ्यर्थियों के बढ़ते आक्रोश और भूख हड़ताल के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बयान जारी कर आश्वासन दिया है कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों के प्रति संवेदनशील है और जारी जांच रिपोर्ट आने के बाद उचित समय पर न्यायपूर्ण फैसला लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद प्रदर्शनकारी छात्र सीआईडी (CID) जांच को नाकाफी बताते हुए सीबीआई (CBI) या दूसरे राज्य के सेवानिवृत्त हाई कोर्ट जजों के स्वतंत्र पैनल से निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़े हुए हैं।
🚨 आंदोलन की मुख्य वजहें और छात्रों की मांगें (Protesters’ Demands):
- JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी का आरोप: अभ्यर्थियों का आरोप है कि 14वीं जेपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा में बड़े पैमाने पर पेपर लीक और वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।
- CBI और ED जांच की मांग: छात्रों ने कहा कि राज्य सीआईडी जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश हो रही है। इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराई जानी चाहिए।
- आमरण अनशन और विरोध पदयात्रा: रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पांच अभ्यर्थी बेमियादी भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। छात्रों का कहना है कि यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ है।
🗣️ मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का क्या कहना है?
छात्रों के बढ़ते दबाव के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा:
“सरकार के पास आंख और कान दोनों हैं, हम छात्रों के मुद्दों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील हैं। सीआईडी और जांच एजेंसियां दिन-रात काम कर रही हैं। जैसे ही जांच की पूरी रिपोर्ट और निष्कर्ष सामने आएंगे, सरकार उचित समय पर छात्रों के पक्ष में फैसला सुनाएगी और हर अभ्यर्थी को न्याय मिलेगा।”
अब तक की कार्रवाई और राजनीतिक बयानबाजी
- 11 लोग गिरफ्तार, JPSC अध्यक्ष का इस्तीफा: सीआईडी अब तक इस मामले में 18 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी कर 11 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, वहीं जेपीएससी के अध्यक्ष एल. खियांगते अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं।
- विपक्ष का सरकार पर हमला: पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की है कि वे सीधे आंदोलनकारी छात्रों से संवाद करें और नीट (NEET) मामले की तर्ज पर इस घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपें।












