आयकर नियमों (Income Tax Rules) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 (आकलन वर्ष 2026-27) के लिए न्यू टैक्स रिजीम (New Tax Regime) में बेसिक छूट सीमा 4 लाख रुपये रखी गई है। यदि आपकी सालाना आय इस सीमा से कम है, तो सामान्यतः टैक्स देना या रिटर्न दाखिल करना आवश्यक नहीं होता। हालांकि, आयकर अधिनियम की धारा 139(1) के सातवें प्रावधान (Seventh Proviso) और नियमों के अनुसार, कई ऐसी स्थितियां हैं जहां आय 4 लाख से कम होने पर भी ITR दाखिल करना कानूनी रूप से अनिवार्य हो जाता है।
इसके अलावा, कम आय होने पर भी समय पर (31 जुलाई की अंतिम तिथि तक) रिटर्न भरने के कई बड़े वित्तीय लाभ मिलते हैं।
🔴 किन परिस्थितियों में 4 लाख से कम आय पर भी ITR भरना अनिवार्य है?
यदि आपकी आय बेसिक टैक्स छूट सीमा से कम है, फिर भी यदि आप वर्ष के दौरान निम्नलिखित में से किसी भी शर्त को पूरा करते हैं, तो ITR भरना आवश्यक है:
- बिजली बिल 1 लाख रुपये से अधिक होना: वर्ष भर में यदि आपका कुल बिजली बिल 1 लाख रुपये या उससे अधिक आया है।
- विदेश यात्रा पर 2 लाख से अधिक खर्च: स्वयं या किसी अन्य व्यक्ति की विदेश यात्रा पर 2 लाख रुपये से अधिक की राशि खर्च की गई हो।
- सेविंग्स व करंट अकाउंट में बड़ा डिपॉजिट:
- किसी करंट अकाउंट (Current Account) में 1 करोड़ रुपये या उससे अधिक जमा कराए गए हों।
- एक या अधिक सेविंग्स बैंक अकाउंट (Savings Account) में कुल 50 लाख रुपये या उससे अधिक जमा किए गए हों।
- TDS या TCS 25,000 रुपये या उससे अधिक होना: यदि आपकी आय या लेन-देन पर पूरे साल में 25,000 रुपये या उससे अधिक (वरिष्ठ नागरिकों के लिए 50,000 रुपये) का TDS/TCS कटा है।
- व्यापार/प्रोफेशन का टर्नओवर: यदि आपके व्यापार का कुल टर्नओवर 60 लाख रुपये से अधिक या प्रोफेशन से ग्रॉस प्राप्ति 10 लाख रुपये से अधिक रही हो।
- विदेशी संपत्ति या विदेशी आय: यदि आपके पास विदेश में कोई संपत्ति, बैंक खाता या विदेशी आय का कोई स्रोत हो।
💡 कम आय पर भी ITR भरने के 5 सबसे बड़े फायदे
- 1. कटी हुई TDS का रिफंड पाना: यदि बैंक एफडी, फ्रीलांसिंग या सैलरी से आपका TDS कट गया है और आपकी कुल आय टैक्स के दायरे में नहीं आती, तो कट चुका पूरा पैसा रिफंड के रूप में वापस पाने के लिए ITR दाखिल करना एकमात्र जरिया है।
- 2. होम लोन, कार लोन और क्रेडिट कार्ड मिलना आसान: बैंक लोन या क्रेडिट कार्ड अप्रूवल के लिए पिछले 2-3 वर्षों की ITR कॉपी को सबसे प्रामाणिक ‘इनकम प्रूफ’ (Income Proof) मानते हैं।
- 3. वीजा (Visa) प्रोसेसिंग में मददगार: अमेरिका, ब्रिटेन, यूरोप या कनाडा जैसे देशों का वीजा अप्लाई करते समय वित्तीय मजबूती साबित करने के लिए ITR की कॉपी मांगी जाती है।
- 4. बिजनेस/शेयर मार्केट के नुकसान (Losses) को आगे ले जाना: यदि आपको शेयर बाजार, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) या बिजनेस में घाटा हुआ है, तो उस नुकसान को अगले सालों के मुनाफे से एडजस्ट (Carry Forward & Set-off) करने के लिए 31 जुलाई से पहले ITR दाखिल करना अनिवार्य है।
- 5. टर्म इंश्योरेंस के लिए आवश्यक: बड़ा जीवन बीमा या टर्म इंश्योरेंस कवर लेते समय इंश्योरेंस कंपनियां आय के पक्के दस्तावेज के रूप में ITR मांगती हैं।
📅 31 जुलाई की डेडलाइन का रखें ध्यान
बिना किसी लेट फीस या जुर्माने के अपना रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई है। 31 जुलाई के बाद ITR भरने पर लेट फीस (धारा 234F) देनी पड़ सकती है और कटी हुई TDS का रिफंड मिलने में भी देरी या अड़चन आ सकती है।












