नीट-यूजी (NEET-UG) 2026 परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक के विरोध में दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से अधिक समय से जारी छात्र आंदोलन के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को बड़ा कदम उठाना पड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है।
जंतर-मंतर पर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा चलाए जा रहे इस राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन की सबसे मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा ही थी।
धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफे पर क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपने पत्र को साझा करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा:
धर्मेंद्र प्रधान का वक्तव्य: “देश के किसी भी होनहार छात्र का भविष्य कानूनी उलझनों या राजनीति की भेंट न चढ़े और असामाजिक/देशविरोधी ताकतें जंतर-मंतर पर जारी छात्रों के आंदोलन का गलत फायदा न उठा सकें, इसलिए देशहित में मैंने अपना इस्तीफा माननीय प्रधानमंत्री जी को सौंप दिया है। छात्र हमारे देश के भविष्य के निर्माता हैं और उनकी भावना का सम्मान करना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है।”
CJP और जंतर-मंतर पर जशन का माहौल
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की खबर सामने आते ही जंतर-मंतर पर धरना दे रहे सैकड़ों छात्रों और युवा नेताओं में खुशी की लहर दौड़ गई। CJP और आंदोलनकारी युवाओं ने सोशल मीडिया पर “Long Live Student Power” (छात्र एकता जिंदाबाद) का नारा बुलंद करते हुए इसे छात्रों के संघर्ष और अहिंसात्मक सत्याग्रह की ऐतिहासिक जीत करार दिया।
सरकार और CJP प्रतिनिधियों के बीच होने वाली तीसरे दौर की बैठक से ठीक पहले आए इस इस्तीफे को मोदी सरकार द्वारा छात्रों के आक्रोश को शांत करने और गतिरोध को समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।












