राजधानी में हाल ही में आयोजित एक बड़ी रैली व प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी निभा रहे 16 पुलिस अधिकारी और जवान उपद्रव व हिंसा की चपेट में आकर घायल हो गए। घटना के तुरंत बाद पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) स्वयं अस्पताल पहुंचे और भर्ती सभी घायल पुलिसकर्मियों से मुलाकात कर उनका हाल-चाल जाना तथा उनके त्वरित एवं बेहतर इलाज के निर्देश डॉक्टरों को दिए।
कर्तव्य पथ पर डटे रहकर घायल हुए जवानों के प्रति पुलिस कमिश्नर की इस त्वरित और संवेदनशील पहल से पुलिस महकमे के मनोबल में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है।
उपद्रवियों के पथराव व बैरिकेडिंग तोड़ने के दौरान हुए घायल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रैली व प्रदर्शन के दौरान जब भीड़ ने तय मार्ग का उल्लंघन कर आगे बढ़ने की कोशिश की और पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका, तब स्थिति को नियंत्रित करने में तैनात जवानों पर पथराव और हमला किया गया।
- 16 जवान जख्मी: उपद्रव को शांत करने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान एसीपी, इंस्पेक्टर, उप-निरीक्षक (SI) और आरक्षकों समेत कुल 16 पुलिस जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।
- अस्पताल में उपचार जारी: सभी घायल जवानों को तुरंत पास के शीर्ष अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
“जवानों का साहस और धैर्य सराहनीय” — पुलिस कमिश्नर
अस्पताल में भर्ती जवानों के बिस्तर तक पहुंचकर उनका हाल जानने के दौरान पुलिस कमिश्नर ने उनके साहस और धैर्य की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
- बेहतरीन इलाज का आश्वासन: पुलिस कमिश्नर ने अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों से व्यक्तिगत रूप से बात की और निर्देश दिए कि घायल अधिकारियों व जवानों के इलाज में किसी भी प्रकार की कमी न छोड़ी जाए।
- परिजनों को दिया ढांढस: कमिश्नर ने घायलों के परिजनों से भी संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि पूरा पुलिस परिवार इस कठिन घड़ी में उनके साथ खड़ा है।
पुलिस कमिश्नर का वक्तव्य: “अराजकता और उपद्रव के बीच हमारे जवानों ने जिस धैर्य, संयम और अदम्य साहस का परिचय दिया है, वह प्रशंसनीय है। कानून-व्यवस्था बनाए रखना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन अपने जवानों का कल्याण और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।”
उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश
घटना का कड़ा संज्ञान लेते हुए पुलिस कमिश्नर ने स्पष्ट किया है कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस बल पर हमला करने और शांति व्यवस्था भंग करने वाले किसी भी अराजक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा। सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) और वीडियो साक्ष्यों के आधार पर बलवाइयों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।












