प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक और अभूतपूर्व और ऐतिहासिक वैश्विक कीर्तिमान दर्ज हो गया है। वे भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक लोकतांत्रिक रूप से चुने गए और सेवा करने वाले ‘लॉंगेस्ट-सर्विंग इलेक्टेड प्राइम मिनिस्टर’ बन गए हैं। इस गौरवशाली उपलब्धि पर दुनिया भर से उन्हें बधाई संदेश मिल रहे हैं। इसी कड़ी में भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर (Sergio Gor) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विशेष रूप से बधाई देते हुए इसे उनके मजबूत और दूरदर्शी नेतृत्व का एक ‘शक्तिशाली प्रमाण’ (Powerful Testament) करार दिया है।
अमरीकी राजदूत का बड़ा बयान: ‘नेतृत्व और जनविश्वास का प्रतीक’ अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री मोदी के लगातार मिल रहे जनसमर्थन और लोकतांत्रिक यात्रा की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विशाल और विविधता से भरे लोकतांत्रिक देश में इतने लंबे समय तक जनता का अटूट विश्वास बनाए रखना और निर्वाचित प्रधानमंत्रियों की सूची में शीर्ष पर पहुंचना कोई साधारण बात नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि यह ऐतिहासिक मील का पत्थर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व क्षमता, देश के प्रति उनके समर्पण और मजबूत भारत-अमेरिका रणनीतिक संबंधों को आगे ले जाने की उनकी प्रतिबद्धता का एक जीता-जागता और शक्तिशाली प्रमाण है।
राजनैतिक गलियारों में उत्साह, वैश्विक पटल पर बढ़ा मान इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड के सामने आने के बाद देश के राजनैतिक हलकों, विशेषकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल है। पार्टी नेताओं का कहना है कि पीएम मोदी के 12 वर्षों से अधिक के इस बेमिसाल कार्यकाल में भारत ने नीतिगत फैसलों, आर्थिक सुधारों और कूटनीतिक मोर्चे पर जो सफलताएं हासिल की हैं, उसी का परिणाम है कि आज महाशक्तियां भी भारत के नेतृत्व का लोहा मान रही हैं। अमेरिकी राजदूत की यह बधाई भारत और अमेरिका के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों और वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती धक को भी साफ तौर पर रेखांकित करती है।

















