भोपाल के जनसंपर्क विभाग (DPR) में एक बड़े प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आ रही है। नए आयुक्त मनीष सिंह ने पदभार संभालते ही विभाग की कार्यप्रणाली को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। यह फेरबदल विभाग में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से किया गया है।
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 21 मार्च 2026 को जनसंपर्क विभाग (Jansampark Department) में एक बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की गई है। विभाग के नवनियुक्त आयुक्त मनीष सिंह ने कार्यभार संभालते ही प्रशासनिक सुधारों का बिगुल फूंक दिया है। लंबे समय से एक ही टेबल पर जमे कई अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रभार बदल दिए गए हैं।
सख्त प्रशासनिक सुधारों का आगाज आयुक्त मनीष सिंह, जो अपनी सख्त कार्यशैली और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, ने विभाग में ‘परफॉर्मेंस-बेस्ड’ कल्चर लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि जनसंपर्क विभाग सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुँचाने का मुख्य सेतु है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फेरबदल के मुख्य बिंदु:
- प्रभार में बदलाव: विज्ञापन, समाचार और सोशल मीडिया विंग के कई वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में फेरबदल किया गया है।
- डिजिटल मॉनिटरिंग: अब विज्ञापनों के भुगतान और समाचारों की ट्रैकिंग के लिए पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी सिस्टम लागू किया जा रहा है।
- समयबद्धता: अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रेस विज्ञप्तियों और सरकारी अभियानों की गुणवत्ता और समय पर कोई समझौता नहीं होगा।
विभाग में हलचल इस फेरबदल के बाद संचालनालय में खासी हलचल देखी जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और कड़े फैसले लिए जा सकते हैं, जिनमें फील्ड स्तर के अधिकारियों (DPROs) की कार्यप्रणाली की समीक्षा भी शामिल है। मुख्यमंत्री सचिवालय की मंशा के अनुरूप, मनीष सिंह का लक्ष्य जनसंपर्क विभाग को अधिक आधुनिक और रिस्पॉन्सिव बनाना है।

















