मैंने खुद फरमान को शादी के लिए मनाया’ — मोनालिसा ने लव जिहाद के आरोपों को बताया बेबुनियाद, कहा यह हमारा अपना फैसला
इंदौर। कुंभ मेले में अपनी मुलाकात और अंतरधार्मिक विवाह को लेकर चर्चा में आई मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने खुलकर उन तमाम आरोपों का जवाब दिया है जिनमें उनकी शादी को ‘लव जिहाद’ का नाम दिया जा रहा था। मोनालिसा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह उनका अपना स्वतंत्र निर्णय था और इसमें किसी तरह का दबाव या षड्यंत्र नहीं था।
मोनालिसा ने खुद रखा अपना पक्ष
मोनालिसा ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फरमान और उनकी मुलाकात कुंभ मेले में हुई थी। उन्होंने बताया कि रिश्ते को आगे बढ़ाने और विवाह करने का फैसला उन्होंने खुद लिया। उनके अनुसार — “मैंने फरमान को शादी के लिए मनाया था, न कि उन्होंने मुझे।” उन्होंने कहा कि दोनों परिवारों की सहमति से यह विवाह संपन्न हुआ।
लव जिहाद के आरोपों को बताया निराधार
मोनालिसा ने ‘लव जिहाद’ के आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि यह एक राजनीतिक और सामाजिक शब्द है जिसे उनके रिश्ते पर थोपा जा रहा है। उन्होंने कहा कि दो वयस्कों के बीच आपसी सहमति से हुए विवाह को इस तरह के लेबल से जोड़ना गलत है। मोनालिसा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो अपना धर्म बदला है और न ही उन पर कोई दबाव है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
कुंभ मेले में मोनालिसा और फरमान की मुलाकात की कहानी सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से ही यह मामला विवादों में घिरा रहा है। एक वर्ग जहां इसे प्रेम और सामाजिक समरसता का प्रतीक मान रहा है, वहीं दूसरा वर्ग इसे लव जिहाद का मामला बताकर सवाल उठा रहा है। इस पूरे प्रकरण ने अंतरधार्मिक विवाह पर देशव्यापी बहस को एक बार फिर हवा दे दी है।
कानूनी पहलू
भारतीय संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी मर्जी से विवाह करने का अधिकार देता है। विशेष विवाह अधिनियम के तहत दो अलग-अलग धर्मों के व्यक्ति कानूनी रूप से विवाह कर सकते हैं। मोनालिसा का कहना है कि उन्होंने कानून के दायरे में रहकर अपना जीवन साथी चुना है।

















