मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर अपने बजट के जरिए प्रदेश की जनता को एक नई दिशा और उम्मीद देने का काम किया है। पहले “ज्ञान का बजट” और फिर “गति का बजट” के बाद इस बार प्रदेश सरकार “संकल्प का बजट” लेकर आई है। यह बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के किसान, युवा, महिला, गरीब और मध्यम वर्ग — हर तबके के विकास और उनके भरोसे को मजबूत करने की एक सुविचारित पहल है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट को प्रदेश की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है।
क्यों खास है ‘संकल्प बजट’?
मध्यप्रदेश सरकार के बजट की एक अपनी परंपरा रही है। हर बार बजट को एक थीम दी जाती है जो सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाती है। इस बार “संकल्प” शब्द का चुनाव बेहद सोच-समझकर किया गया है। इसका सीधा संदेश यह है कि सरकार ने जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने का संकल्प लिया गया है। यह बजट विकास के साथ-साथ जनता के भरोसे को बनाए रखने की गारंटी भी देता है।
ज्ञान से गति, गति से संकल्प — बजट की यात्रा
मध्यप्रदेश सरकार ने पिछले बजट में “ज्ञान” को केंद्र में रखते हुए शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया था। उसके बाद “गति का बजट” में बुनियादी ढांचे, सड़क, बिजली और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दी गई। अब “संकल्प बजट” में इन दोनों की नींव पर एक मजबूत इमारत खड़ी करने का काम किया गया है। यह तीनों बजट मिलकर मध्यप्रदेश को विकसित राज्य बनाने के सपने की ओर ले जा रहे हैं।
किसानों के लिए क्या है खास?
संकल्प बजट में कृषि क्षेत्र को विशेष महत्व दिया गया है। प्रदेश की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले किसानों के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं —
- किसानों को सिंचाई सुविधाओं का विस्तार
- कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना
- फसल बीमा और प्राकृतिक आपदा राहत के लिए पर्याप्त प्रावधान
- किसान सम्मान निधि और अन्य योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन
- कृषि उपज मंडियों के आधुनिकीकरण पर जोर
युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
मध्यप्रदेश में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा है और संकल्प बजट में इसे गंभीरता से लिया गया है। युवाओं के लिए —
- नए रोजगार के अवसर सृजित करने पर विशेष ध्यान
- कौशल विकास केंद्रों का विस्तार
- स्टार्टअप और उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिए विशेष निधि
- सरकारी भर्तियों में तेजी लाने का संकल्प
- ITI और पॉलिटेक्निक कॉलेजों के उन्नयन की योजना
महिला सशक्तिकरण — बजट में महिलाओं को विशेष तवज्जो
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार ने महिला सशक्तिकरण को इस बजट में केंद्रीय स्थान दिया है। इसके तहत —
- लाडली बहना योजना और अन्य महिला कल्याण योजनाओं को जारी रखने का संकल्प
- स्वयं सहायता समूहों को और मजबूत करने की पहल
- महिला उद्यमियों के लिए विशेष ऋण सुविधा
- आजीविका मिशन के तहत महिलाओं की आय बढ़ाने के प्रयास
- ग्रामीण क्षेत्रों में महिला स्वास्थ्य और पोषण के लिए विशेष आवंटन
बुनियादी ढांचे का विकास
संकल्प बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बुनियादी ढांचे के विकास के लिए भी बड़े प्रावधान किए गए हैं —
- सड़क और राजमार्ग निर्माण में तेजी
- स्मार्ट सिटी परियोजनाओं को गति
- ग्रामीण क्षेत्रों में पक्की सड़क और बिजली कनेक्शन
- रेलवे और हवाई संपर्क को बेहतर बनाने की दिशा में निवेश
- औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार और नए निवेश को आकर्षित करने की रणनीति
शिक्षा और स्वास्थ्य — दो बड़ी प्राथमिकताएं
बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया है —
शिक्षा के क्षेत्र में:
- नए स्कूल और कॉलेज खोलने की योजना
- डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान
- छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार
स्वास्थ्य के क्षेत्र में:
- जिला और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन
- आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों की संख्या में वृद्धि
- मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार
गरीब और मध्यम वर्ग के लिए राहत
संकल्प बजट में गरीब और मध्यम वर्ग का भी खास ख्याल रखा गया है —
- प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर देने की गति तेज करने का लक्ष्य
- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने का प्रावधान
- सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं का विस्तार
- मध्यम वर्ग के लिए आवास और रोजगार की सुविधाएं
विपक्ष की प्रतिक्रिया
जहां सत्तारूढ़ BJP ने इस बजट को ऐतिहासिक और जनहितकारी बताया है, वहीं विपक्षी कांग्रेस ने इसे “जुमलों का बजट” करार दिया है। कांग्रेस का कहना है कि बजट में बड़े-बड़े ऐलान तो हैं, लेकिन उन्हें जमीन पर उतारने की कोई ठोस रणनीति नहीं है। हालांकि, सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह बजट प्रदेश की जनता का बजट है और इसके सकारात्मक परिणाम जल्द ही दिखाई देंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकल्प बजट को लेकर कहा कि यह बजट “विकसित मध्यप्रदेश” के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने जो संकल्प लिया है, उसे पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनका स्पष्ट संदेश है कि इस बजट में जनता का पैसा, जनता के लिए खर्च किया जाएगा।
















