जबलपुर की संस्कारधानी में महाशिवरात्रि (15-16 फरवरी 2026) के पावन अवसर पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शहर के विजयनगर स्थित कचनार सिटी में भगवान शिव की 76 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा के दर्शन के लिए सुबह से ही लाखों श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं।
यहाँ महाशिवरात्रि 2026 के उत्सव की प्रमुख विशेषताएं दी गई हैं:
कचनार सिटी: आस्था और भव्यता का केंद्र
कचनार सिटी स्थित यह प्रतिमा मध्य भारत की सबसे ऊंची और दर्शनीय शिव प्रतिमाओं में से एक है। महाशिवरात्रि पर यहाँ का दृश्य अलौकिक होता है।
| विशेषता | विवरण (Details) |
| प्रतिमा की ऊंचाई | 76 फीट (खुले आसमान के नीचे ध्यान मुद्रा में) |
| मुख्य आकर्षण | 12 ज्योतिर्लिंगों की प्रतिकृति वाली गुफा |
| विशेष आयोजन | रुद्राभिषेक, शिव बारात और भव्य महाआरती |
| श्रद्धालु संख्या | अनुमानित 2 से 3 लाख (दिन भर में) |
महाशिवरात्रि 2026 उत्सव की मुख्य बातें
- 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन: प्रतिमा के ठीक नीचे बनी कृत्रिम गुफा में देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूप स्थापित हैं। श्रद्धालुओं ने एक ही स्थान पर सभी ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर पुण्य लाभ कमाया।
- जलाभिषेक और कतारें: कड़ाके की सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। कचनार सिटी मंदिर प्रबंधन और पुलिस प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग और विशेष प्रवेश मार्गों की व्यवस्था की थी।
- रात भर भक्ति: 15 फरवरी की रात ‘निशीथ काल’ की पूजा के लिए भक्त बड़ी संख्या में जुटे रहे। चारों प्रहर की आरती और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से पूरा परिसर गूंजता रहा।
- लाइट एंड साउंड: शाम के समय प्रतिमा पर विशेष विद्युत सज्जा और लाइटिंग की गई, जिससे 76 फीट ऊंची शिव प्रतिमा की भव्यता और निखर उठी। पर्यटकों के लिए यह मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा।
सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था
महाशिवरात्रि को देखते हुए जबलपुर पुलिस ने विजयनगर और कचनार सिटी की ओर जाने वाले मार्गों पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रखा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग के अलग इंतजाम किए गए थे और पूरे परिसर की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई।


















