आज 12 फरवरी 2026 को केंद्र सरकार की नीतियों (विशेष रूप से 4 नए श्रम कानूनों और भारत-अमेरिका ट्रेड डील) के खिलाफ 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और किसान संगठनों द्वारा आहूत ‘भारत बंद’ का देशभर में व्यापक लेकिन मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। ओडिशा जैसे राज्यों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, जहाँ बंद समर्थकों और विरोधियों के बीच झड़पें हुई हैं।
यहाँ भारत बंद के ताजा हालात और मुख्य अपडेट्स दिए गए हैं:
ओडिशा में तनाव और मारपीट
ओडिशा में भारत बंद का सबसे तीव्र असर देखा जा रहा है। यहाँ की स्थिति अन्य राज्यों की तुलना में अधिक गंभीर है:
- हिंसक झड़पें: भुवनेश्वर और कटक के कुछ हिस्सों में बंद समर्थकों द्वारा जबरन दुकानें बंद कराने को लेकर स्थानीय व्यापारियों और बंद विरोधियों के बीच मारपीट की खबरें आई हैं। कटक में तनाव के कारण भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
- पूर्ण ठप: राज्य में सार्वजनिक परिवहन, निजी बसें और टैक्सी सेवा लगभग पूरी तरह बंद है। भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर पटरियों को रोककर प्रदर्शन किया गया, जिससे ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई।
- शिक्षा: ओडिशा सरकार ने बंद के मद्देनजर कई जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की है।
ट्रेड यूनियनों में फूट (Split in Trade Unions)
हड़ताल को लेकर मजदूर संगठनों के बीच स्पष्ट विभाजन देखा जा रहा है, जिससे बंद की धार कई जगहों पर कम हुई है:
- गठबंधन बनाम स्वतंत्र: जहाँ 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों (जैसे CITU, AITUC, INTUC) ने ‘संयुक्त मोर्चा’ बनाकर हड़ताल का नेतृत्व किया, वहीं आरएसएस समर्थित भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने खुद को इस बंद से पूरी तरह अलग रखा है।
- बंटवारा: BMS का तर्क है कि हड़ताल राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है, जबकि विपक्षी यूनियनों का आरोप है कि BMS सरकार के ‘मजदूर विरोधी’ फैसलों का साथ दे रही है। इस बंटवारे के कारण औद्योगिक क्षेत्रों में काम पूरी तरह ठप नहीं हो सका।
देशभर में बंद का हाल
| राज्य/क्षेत्र | असर की स्थिति |
| केरल | पूर्ण असर: यहाँ सार्वजनिक परिवहन और दुकानें पूरी तरह बंद हैं। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है। |
| मध्य प्रदेश | आंशिक असर: भोपाल और इंदौर में ट्रेड यूनियनों ने प्रदर्शन किया, लेकिन बाजार और निजी दफ्तर खुले रहे। बैंकों में काम प्रभावित हुआ। |
| पश्चिम बंगाल | मिला-जुला: कोलकाता में वामपंथी संगठनों ने रैलियां निकालीं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ, लेकिन सरकारी बसें चल रही हैं। |
| कर्नाटक | बेंगलुरु में असर: आईटी कंपनियों ने ‘वर्क फ्रॉम होम’ दिया है, जबकि सार्वजनिक बसों (BMTC) की आवाजाही कम रही। |
क्या खुला और क्या बंद है?
- बंद: सरकारी बैंक (AIBEA समर्थन के कारण), सार्वजनिक परिवहन (बसें), और मंडियाँ।
- खुला: अस्पताल, फार्मेसी, दूध-सब्जी जैसी आवश्यक सेवाएँ, मेट्रो सेवा (ज्यादातर शहरों में), और निजी वाहन।
- प्रभाव: ट्रेड यूनियनों का दावा है कि देशभर में लगभग 30 करोड़ श्रमिक इस हड़ताल में शामिल हुए हैं।
















