मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपनी उत्तराखंड यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचे, जहाँ उन्होंने पतंजलि योगपीठ में योगाचार्य बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण के साथ योग अभ्यास किया। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने न केवल योग के महत्व पर चर्चा की, बल्कि मध्य प्रदेश में आयुर्वेद और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के रोडमैप पर भी विचार-विमर्श किया।
यहाँ इस विशेष भेंट और योग सत्र की प्रमुख जानकारी दी गई है:
योग और आयुर्वेद: मुख्यमंत्री की हरिद्वार यात्रा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव सुबह पतंजलि योगपीठ पहुंचे, जहाँ बाबा रामदेव ने उनका भव्य स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने योग शिविर में हिस्सा लिया।
| मुख्य विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार (उत्तराखंड)। |
| प्रमुख सहभागी | डॉ. मोहन यादव (CM, MP), स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण। |
| फोकस | स्वास्थ्य, योग शिक्षा और आयुर्वेद का विस्तार। |
| घोषणा/चर्चा | मध्य प्रदेश में वेलनेस सेंटर और ‘योग आयोग’ के कार्यों को गति देना। |
योग सत्र के बाद मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव के साथ विभिन्न इकाइयों का भ्रमण किया और मध्य प्रदेश की विकास योजनाओं को आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से जोड़ने पर बात की।
भेंट के मुख्य बिंदु:
- योग को जन-आंदोलन बनाना: मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग विश्व स्तर पर स्थापित हुआ है। मध्य प्रदेश सरकार स्कूलों और कॉलेजों में योग शिक्षा को अनिवार्य बनाने और हर जिले में वेलनेस सेंटर खोलने की दिशा में काम कर रही है।
- आयुर्वेद और जड़ी-बूटी उत्पादन: मध्य प्रदेश का बड़ा हिस्सा वनाच्छादित है। मुख्यमंत्री ने बाबा रामदेव से चर्चा की कि कैसे पतंजलि के सहयोग से राज्य के जनजातीय क्षेत्रों में जड़ी-बूटियों के प्रसंस्करण (Processing) की इकाइयां लगाई जा सकती हैं। इससे आदिवासी समुदायों को रोजगार मिलेगा।
- प्राकृतिक खेती (Natural Farming): मुख्यमंत्री ने पतंजलि के कृषि अनुसंधान केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश को ‘प्राकृतिक खेती’ का हब बनाने के लिए पतंजलि की विशेषज्ञता का लाभ लिया जाएगा।
- पतंजलि का एमपी में निवेश: चर्चा के दौरान प्रदेश में खाद्य प्रसंस्करण (Food Processing) और शिक्षा के क्षेत्र में पतंजलि समूह के नए निवेश प्रस्तावों पर भी बात हुई।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ट्वीट कर कहा:
“हरिद्वार में पूज्य स्वामी रामदेव जी महाराज के सानिध्य में योग और प्राणायाम कर आत्मिक शांति और नई ऊर्जा का अनुभव हुआ। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है।”
















