हार्ट अटैक के मामले जिस तरह से बढ़ रहे हैं, यह जानकारी किसी की जान बचाने के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो सकती है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक आने पर पहले 15 से 30 मिनट ‘गोल्डन ऑवर’ कहलाते हैं। यदि आप घर पर अकेले हैं, तो घबराहट आपकी सबसे बड़ी दुश्मन बन सकती है।
सबसे पहले पहचानें लक्षण (Symptoms)
हार्ट अटैक सिर्फ सीने में दर्द नहीं है। इसके संकेत सूक्ष्म हो सकते हैं:
- सीने के बीचों-बीच तेज दबाव, जकड़न या भारीपन।
- यह दर्द बाएं हाथ, गर्दन, जबड़े या पीठ तक फैलना।
- बिना किसी मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना।
- सांस लेने में तकलीफ और जी मिचलाना।
| स्टेप | क्या करें (Action) | क्यों (Reason) |
| 1. कॉल करें | तुरंत 108 (एम्बुलेंस) या किसी करीबी को फोन करें। | मदद पहुँचने में समय लगता है, देरी न करें। |
| 2. एस्पिरिन (Aspirin) | अगर उपलब्ध हो, तो एक 300mg एस्पिरिन चबाकर निगल लें। | यह खून के थक्के (Clot) को घुलने में मदद करती है। |
| 3. दरवाजा खोलें | रेंगकर जाएं और मुख्य दरवाजा अनलॉक कर दें। | ताकि मदद आने पर उन्हें दरवाजा तोड़ना न पड़े। |
| 4. आराम की मुद्रा | फर्श पर बैठ जाएं, पीठ को दीवार से सटाएं और घुटने मोड़ लें। | इस मुद्रा में हृदय पर सबसे कम दबाव पड़ता है। |
| 5. खांसें (Coughing) | लंबी सांस लेकर जोर से खांसें (जैसे बलगम निकालना हो)। | यह प्रक्रिया ‘कफ सीपीआर’ की तरह काम कर रक्त प्रवाह बढ़ा सकती है। |
क्या बिल्कुल न करें (Critical Don’ts)
- खुद गाड़ी न चलाएं: अस्पताल जाने के लिए खुद कार या बाइक चलाने की कोशिश जानलेवा हो सकती है। एम्बुलेंस का इंतजार करें।
- कुछ खाएं-पिएं नहीं: पानी या भारी खाना स्थिति बिगाड़ सकता है।
- अकेले न रहें: भले ही दर्द कम हो जाए, फिर भी अकेले लेटने की गलती न करें।
कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि हर व्यक्ति को, विशेषकर 35 वर्ष से अधिक आयु वालों को, अपने घर में एक ‘Emergency Heart Kit’ रखनी चाहिए।
इस किट में क्या हो?
- Aspirin (300mg): जो खून को पतला करती है।
- Sorbitrate (5mg): इसे जीभ के नीचे रखने से रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं और दर्द में तुरंत राहत मिलती है (नोट: यह केवल डॉक्टर की सलाह पर ही लें)।
- संपर्क सूची: एक कागज पर एम्बुलेंस, नजदीकी अस्पताल और पड़ोसी का नंबर बड़े अक्षरों में लिखकर फ्रिज या दरवाजे पर चिपका दें।
अस्पताल पहुँचने के बाद: डॉक्टर को स्पष्ट बताएं कि आपने कौन सी दवा (जैसे एस्पिरिन) ली है और दर्द कब शुरू हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर व्यक्ति समय पर अस्पताल पहुँच जाए, तो प्राथमिक एंजियोप्लास्टी के जरिए हार्ट के नुकसान को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। [Image showing the process of medical intervention in the ICU]
निष्कर्ष: हार्ट अटैक के समय “समय ही जीवन है”। घबराने के बजाय शांति से कदम उठाना और अपनी मेडिकल जानकारी तैयार रखना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
















