अन्नदाता सम्मान: मुख्य आकर्षण और बड़ी बातें
मुख्यमंत्री ने इस समारोह के माध्यम से प्रदेश के लाखों किसानों को सीधा लाभ पहुँचाया। कार्यक्रम के दौरान मल्हारगढ़ का माहौल उत्सव जैसा रहा।
| गतिविधि | विवरण (Key Details) |
| मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना | मुख्यमंत्री ने रिमोट का बटन दबाकर प्रदेश के लाखों किसानों के खातों में योजना की अगली किस्त हस्तांतरित की। |
| विकास कार्यों की सौगात | मल्हारगढ़ क्षेत्र के लिए ₹200 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण। |
| हितग्राही लाभ | विभिन्न कृषि यंत्रों, प्रमाण पत्रों और स्वाइल हेल्थ कार्ड का वितरण। |
| विशेष संबोधन | मुख्यमंत्री ने ‘अफीम किसानों’ की समस्याओं के समाधान और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार का आश्वासन दिया। |
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार केवल सत्ता चलाने के लिए नहीं, बल्कि किसानों के जीवन में बदलाव लाने के लिए है।
भाषण के मुख्य बिंदु:
- परंपरा और आधुनिकता: मुख्यमंत्री ने कहा कि हम एक ओर भगवान मल्हारराव होलकर की शौर्य परंपरा को याद कर रहे हैं, तो दूसरी ओर किसान को आधुनिक तकनीक और आर्थिक मजबूती से जोड़ रहे हैं।
- उपमुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र: उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का निर्वाचन क्षेत्र होने के नाते, मल्हारगढ़ के विकास के लिए विशेष रोडमैप तैयार किया गया है। देवड़ा जी ने क्षेत्र की सिंचाई परियोजनाओं और सड़क नेटवर्क की मांग रखी, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार किया। [Image showing CM and Dy CM observing the model of a new local dam project]
- मुआवजे पर भरोसा: हाल ही में हुई ओलावृष्टि का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने मंदसौर के किसानों को आश्वस्त किया कि सर्वे के निर्देश दे दिए गए हैं और ₹32,000 प्रति हेक्टेयर तक का मुआवजा सुनिश्चित किया जाएगा।
- केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध लिंक: उन्होंने चंबल क्षेत्र के लिए चल रही बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रकाश डाला, जिससे भविष्य में मालवा की धरती पर पानी की कमी नहीं रहेगी।
निष्कर्ष: ‘अन्नदाता सम्मान समारोह’ केवल एक सरकारी आयोजन नहीं, बल्कि किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उभरा है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्वयं कुछ किसानों का मंच पर माला पहनाकर सम्मान किया।

















