अमेरिका इस समय दशक के सबसे भीषण बर्फीले तूफान (Winter Storm) की चपेट में है। हाड़ कंपा देने वाली ठंड और भारी बर्फबारी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। अब तक इस प्राकृतिक आपदा में 25 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि लाखों लोग अंधेरे और कड़ाके की ठंड में रहने को मजबूर हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने इसे एक दुर्लभ ‘बम चक्रवात’ करार दिया है, जिसमें वायुमंडलीय दबाव तेजी से गिरने के कारण तूफान अत्यंत हिंसक हो गया है।
| प्रभावित क्षेत्र | स्थिति (Current Situation) |
| मौतों का आंकड़ा | 25 (सड़क दुर्घटनाओं और ठंड के कारण)। न्यूयॉर्क और बफ़ेलो सबसे अधिक प्रभावित। |
| बिजली संकट | लगभग 15 लाख घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बिजली गुल है। |
| हवाई सेवाएं | 5,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हैं। |
| तापमान | कई राज्यों में पारा -45°C तक लुढ़क गया है। |
अमेरिका के कई राज्यों में इस समय ‘व्हाइट आउट’ (Whiteout) जैसी स्थिति है, जहाँ कुछ फीट की दूरी पर भी देखना असंभव है।
संकट के मुख्य बिंदु:
- बफ़ेलो (न्यूयॉर्क) बना केंद्र: सबसे ज्यादा मौतें न्यूयॉर्क राज्य के बफ़ेलो इलाके में हुई हैं। यहाँ लोग अपनी कारों में फंसे रह गए और भारी बर्फबारी के कारण रेस्क्यू टीमें उन तक नहीं पहुँच सकीं।
- ग्रिड पर दबाव: अत्यधिक ठंड के कारण हीटिंग सिस्टम का उपयोग बढ़ गया है, जिससे पावर ग्रिड फेल हो रहे हैं। कई इलाकों में प्रशासन ने ‘रोलिंग ब्लैकआउट’ (बारी-बारी से बिजली कटौती) की चेतावनी दी है।
- इमरजेंसी घोषित: न्यूयॉर्क, केंटकी, ओक्लाहोमा और जॉर्जिया सहित कई राज्यों में आपातकाल (State of Emergency) घोषित कर दिया गया है। नेशनल गार्ड के जवानों को सड़कों से बर्फ हटाने और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए तैनात किया गया है।
प्रशासन की अपील: अधिकारियों ने लोगों से घरों के अंदर रहने की सख्त अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी ठंड में केवल 5 से 10 मिनट बाहर रहने पर भी ‘फ्रॉस्टबाइट’ (Frostbite) का खतरा हो सकता है।














